बाथरूम में फोन चलाने की आदत से बिताया गया अतिरिक्त समय बन सकता है खतरनाक बीमारी की वजह, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
बाथरूम में फोन चलाने की आदत: आज के समय में स्मार्टफोन हमारी दिनचर्या का ऐसा हिस्सा बन चुका है कि बिना फोन के कुछ मिनट बिताना भी मुश्किल लगता है। सुबह की शुरुआत हो या दिन का खाली वक्त लोग सोशल मीडिया और खबरों में इतने व्यस्त रहते हैं कि यह आदत अब बाथरूम तक पहुंच चुकी है। कई लोग टॉयलेट सीट पर बैठकर लंबे समय तक मोबाइल चलाते रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है? हाल ही में अमेरिका के बेथ इजराइल डिकॉनेस मेडिकल सेंटर द्वारा की गई एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि टॉयलेट पर मोबाइल चलाने की आदत पाइल्स (हेमोरॉयड्स) का जोखिम काफी बढ़ा देती है।
तेज़ रफ्तार डिजिटल जीवनशैली ने लोगों को स्मार्टफोन का इतना आदी बना दिया है कि वे इसे कहीं भी, कभी भी इस्तेमाल करने लगते हैं। यही आदत अब स्वास्थ्य के लिए खतरा बनती जा रही है। हालिया अध्ययनों और विशेषज्ञों की चेतावनियों के अनुसार, बाथरूम में मोबाइल चलाने की लत पाइल्स (हेमोरॉयड्स) के मामलों में तेजी से इज़ाफा कर रही है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि टॉयलेट पर बैठकर सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, वीडियो देखना या गेम खेलना लोगों का सामान्य व्यवहार बन गया है। इससे टॉयलेट पर बिताया जाने वाला समय अनावश्यक रूप से बढ़ जाता है। जहां सामान्य रूप से मल त्याग में 4–5 मिनट लगते हैं, वहीं मोबाइल की वजह से यह समय 15–20 मिनट तक पहुंच जाता है। इतना लंबे समय तक बैठे रहने से मलाशय पर दबाव बढ़ जाता है और वहां की नसें सूजने लगती हैं, जो आगे चलकर पाइल्स का कारण बन जाती हैं।
बाथरूम में फोन चलाने की आदत बन जाती हैं पाइल्स का कारण

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विशेषज्ञों के अनुसार, पाइल्स पहले जिन लोगों में ज्यादा पाए जाते थे, अब वह दायरा तेजी से युवाओं तक पहुंच रहा है। इसके पीछे प्रमुख कारण सोशल मीडिया का बढ़ता उपयोग और टॉयलेट में फोन ले जाने का चलन बताया जा रहा है। कई युवा दिन की शुरुआत ही फोन स्क्रॉलिंग से करते हैं और यह आदत सुबह के समय बाथरूम में सबसे ज्यादा देखी जाती है।
पाइल्स वह स्थिति है जिसमें गुदा और मलाशय की नसें सूज जाती हैं, जिससे दर्द, खुजली और कभी-कभी रक्तस्राव भी होता है। यह बीमारी दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही है और सिर्फ अमेरिका में ही हर साल लगभग 40 लाख लोग पाइल्स की वजह से डॉक्टर के पास पहुंचते हैं। स्टडी के अनुसार टॉयलेट में मोबाइल चलाना इस बीमारी का नया प्रमुख कारण बनकर उभर रहा है।
- 46% बढ़ जाता है जोखिम: चौंकाने वाली स्टडी
- 125 स्वस्थ वयस्कों पर किए गए इस सर्वे में पाया गया कि:
- 66% लोग टॉयलेट में स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं
- जो लोग टॉयलेट में फोन का इस्तेमाल करते थे, उनमें
पाइल्स का जोखिम 46% ज्यादा पाया गया
शोधकर्ताओं ने इस निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए उम्र, फाइबर सेवन, व्यायाम जैसी अन्य सभी बातों को भी ध्यान में रखा। इसका सबसे बड़ा कारण यह पाया गया कि स्मार्टफोन के कारण लोग टॉयलेट में जरूरत से ज्यादा समय बिताते हैं, जिससे मलाशय पर दबाव बढ़ जाता है और नसें सूज जाती हैं।
बाथरूम में फोन चलाने की आदत मुख्य वजह: टॉयलेट पर बढ़ता समय
स्टडी में यह साफ बताया गया कि असल समस्या मोबाइल फोन चलाना नहीं, बल्कि उसकी वजह से टॉयलेट सीट पर लंबे समय तक बैठे रहना है।
लंबे समय तक बैठने से:
- मलाशय के ऊतकों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है
- गुदा की नसें अधिक खिंच जाती हैं
- ब्लड फ्लो प्रभावित होता है
- पाइल्स बनने का खतरा 2–3 गुना बढ़ जाता है
- यह जोखिम खासकर युवाओं में अधिक देखा गया है, क्योंकि वे मल त्याग की बजाय फोन स्क्रॉल करने में अधिक समय बिता देते हैं।
- टॉयलेट में सबसे ज्यादा किया जाने वाला काम
स्टडी के अनुसार टॉयलेट पर फोन के जरिए लोग ये गतिविधियां सबसे ज्यादा करते हैं:
- सोशल मीडिया स्क्रॉल करना
- वीडियो देखना
- ऑनलाइन समाचार पढ़ना
- टेक्स्टिंग
- गेम खेलना
इन डिजिटल व्यवहारों के कारण टॉयलेट पर बैठने का समय औसतन 12 से 20 मिनट तक बढ़ जाता है, जबकि सामान्य रूप से मल त्याग के लिए 5 मिनट पर्याप्त होते हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार क्या हो सकता है समाधान?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह अध्ययन चिकित्सा जगत के लिए महत्वपूर्ण है। इसके आधार पर डॉक्टर मरीजों को बेहतर सलाह दे पाएंगे कि:
- टॉयलेट में फोन ले जाने से बचें
- बैठने का समय कम करें
- तनाव या जोर लगाकर मल त्याग न करें
- लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव करें
भविष्य में ऐसी हेल्थ गाइडलाइंस बनाई जा सकती हैं जो फोन के कारण होने वाले इस छिपे जोखिम की ओर लोगों को जागरूक कर सकें।
कैसे बचें पाइल्स के जोखिम से? आसान और प्रभावी उपाय
- टॉयलेट पर 5–10 मिनट से ज्यादा न बैठें
- फोन को बाथरूम में बिल्कुल न ले जाएं
- डाइट में फाइबर बढ़ाएं
- हरी सब्जियां
- फल
- साबुत अनाज
- दिनभर पर्याप्त पानी पिएं
- नियमित व्यायाम करें
- तनाव में मल त्याग करने की कोशिश न करें
- ये छोटे कदम बड़ी बीमारी से बचा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस आदत पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में पाइल्स के मरीजों की संख्या और तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने सलाह दी है कि लोग बाथरूम में मोबाइल ले जाने से बचें, फाइबर युक्त भोजन खाएं, नियमित रूप से पानी पिएं और शरीर को सक्रिय रखें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि पाइल्स एक मामूली तकलीफ़ नहीं है, बल्कि समय पर ध्यान न देने पर यह गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए बाथरूम की आदतों को सुधारना, इस बीमारी से बचने की दिशा में पहला और महत्वपूर्ण कदम है।
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कैसे पाये इसका समाधान
लगातार मोबाइल उपयोग ने हमारी कई आदतों को बदल दिया है, लेकिन कुछ आदतें ऐसी भी हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बन जाती हैं। टॉयलेट में मोबाइल चलाने की आदत उन्हीं में से एक है। समय रहते यदि सावधानी न बरती जाए तो पाइल्स जैसी गंभीर समस्या पैदा हो सकती है।
इसलिए बेहतर है कि आप टॉयलेट को उसके असली उद्देश्य के लिए ही इस्तेमाल करें और फोन को बाहर ही छोड़ दें।
