लावारिस फंड के 5.21 करोड़ बैंक ने 1850 लोगों के खातों में डालें
लावारिस फंड : विकास भवन में ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ के तहत विशेष मेगा शिविर, सीडीओ ने बैंकर्स को सराहा, वित्त मंत्रालय की पहल की प्रशंसा
मुजफ्फरनगर, 5 दिसम्बर। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय और भारतीय रिज़र्व बैंक की संयुक्त मुहिम के तहत मुजफ्फरनगर के विकास भवन में बुधवार को आयोजित मेगा अवेयरनेस एंड क्लेम कैम्प में वर्षों से निष्क्रिय पड़े खातों और वित्तीय साधनों में जमा लावारिस फंड 5 करोड़ 21 लाख रुपये को उनके वास्तविक वारिसों तक वापस पहुँचाया गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में एलडीएम कार्यालय की टीम ने विशेष प्रयास किए। एलडीएम टीम ने बताया कि जिले के बैंकों ने संकल्प लिया है कि मुजफ्फरनगर के लगभग 92 करोड़ रुपये के लावारिस फंड को चरणबद्ध तरीके से सही हकदारों को लौटाया जाएगा।
सीडीओ ने सराहा अभियान : हजारों लोगों की उम्मीद लौटी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर ने कहा कि ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ अभियान ऐसे लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जिनका पैसा वर्षों से बिना दावा किए पड़ा था और वे उसे वापस पाने की उम्मीद छोड़ चुके थे।
उन्होंने सभी बैंकर्स, बीमा कंपनियों और संबंधित विभागों से आग्रह किया कि जिले का कोई भी लावारिस धन अनक्लेम्ड न रहे।
5.21 करोड़ वापस दिलाना बड़ी उपलब्धि: आरबीआई एलडीओ
भारतीय रिज़र्व बैंक के एलडीओ अशोक कुशवाह ने बताया कि वित्त मंत्रालय, आरबीआई, सेबी, आईआरडीएआई और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा मिलकर अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस कैम्प में न केवल लोगों को जागरूक किया गया बल्कि बैंक-बीमा कंपनियों ने स्वयं वारिसों को खोजकर रकम लौटाने का कार्य भी किया।
उन्होंने उद्गम पोर्टल की विस्तृत जानकारी दी, जिससे लोग अपनी पुरानी बैंक जमा राशि, बीमा दावा, शेयर, लाभांश, पेंशन आदि से जुड़े दावों को आसानी से ट्रैक और क्लेम कर सकते हैं।

92 करोड़ रुपये जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे: एलडीएम
अग्रणी जिला प्रबंधक अनिल सिंह ने कहा कि आरबीआई के पास वर्षों से जमा लावारिस धन को यदि वापस सही हाथों तक पहुँचा दिया जाए तो इससे जिले की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि 92 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा सरकारी विभागों का है। सीडीओ से आग्रह किया गया कि विभागों को चिह्नित कर औपचारिकताएँ पूर्ण कराई जाएँ, ताकि यह धन वापस उनके खातों में पहुँचे।
पीएनबी सर्किल हेड का बयान : सिर्फ बैंक खाते नहीं, सभी वित्तीय संपत्तियाँ शामिल
पीएनबी के सर्किल हेड राजेंद्र पॉल ने बताया कि शिविर में अनक्लेम्ड बैंक खाते ही नहीं बल्कि—
- वर्षों से निष्क्रिय पड़ी बीमा पॉलिसियाँ
- कंपनियों के लाभांश
- पुराने शेयर
- म्यूचुअल फंड की राशि
- अपूर्ण पेंशन क्लेम
जैसी सभी वित्तीय संपत्तियों की जांच कर हकदारों को धन उपलब्ध कराया गया।
क्रिसिल फाउंडेशन की ‘वित्तीय समावेशन प्रदर्शनी’ आकर्षण का केंद्र
शिविर में क्रिसिल फाउंडेशन द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में लोगों को उद्गम पोर्टल का उपयोग, पुराना पैसा खोजने की प्रक्रिया, दस्तावेज तैयारी व सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी गई।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष योगदान
कार्यक्रम का संचालन प्रभात कुमार (एलडीएम ऑफिस) ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अरविंद सिंह, संजय कुमार शर्मा, शीज़ा खानम, मोहित ठाकुर, वसीम अहमद, हेमंत त्यागी, अनिल कुमार, अनूप सिंह आदि का विशेष योगदान रहा।
इन बैंकों ने दिया महत्वपूर्ण योगदान
अभियान में शामिल सभी बैंकों ने अपनी भूमिका निभाई। एलआईसी ने अकेले 2.61 करोड़ रुपये उनके वारिसों को लौटाए। पीएनबी ने 1.74 करोड़ रुपये वापस दिलाए। अन्य बैंकों ने भी लाखों रुपये का लावारिस धन वापस दिलाकर अभियान को सफल बनाया।
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सीएफएल खतौली का औचक निरीक्षण
आरबीआई एलडीओ अशोक कुशवाह और एलडीएम अनिल सिंह ने मनीवाईज वित्तीय साक्षरता केंद्र, खतौली का औचक निरीक्षण किया।
दोनों अधिकारियों ने सीएफएल की कार्यप्रणाली, रिकॉर्ड और जन-जागरूकता गतिविधियों को देखा व सराहा।
निरीक्षण के दौरान क्रिसिल फाउंडेशन और सीएफएल की टीम मौजूद रही।
