मुजफ्फरनगर में AIMIM का अमन संदेश
AIMIM ने दिया शांति, शिक्षा और भाईचारे का संदेश, नफरत और हिंसा से दूर रहने की अपील
मुजफ्फरनगर। देश में बढ़ते तनाव और नफरत भरे माहौल के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने मुजफ्फरनगर में शांति, भाईचारे और सद्भाव का अनोखा संदेश दिया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जनाब शौकत अली साहब के निर्देश पर बुधवार को AIMIM कार्यकर्ताओं ने आम जनता के बीच फूल और कलम बांटकर “अमन का पैगाम” दिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में आपसी प्रेम, शिक्षा और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना रहा।
इस शांतिपूर्ण पहल का नेतृत्व AIMIM के जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से किया। मीनाक्षी चौक पर सभी कार्यकर्ता एकत्र हुए और वहां से आम लोगों को फूल व कलम वितरित करते हुए शहर में संदेश फैलाया कि नफरत नहीं, बल्कि शिक्षा और संवाद ही देश को आगे ले जा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि आज देश में कुछ ताकतें जानबूझकर नफरत फैलाने का काम कर रही हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि AIMIM न तो तलवार बांटेगी और न ही ऐसा कोई काम करेगी जिससे देश या समाज को नुकसान पहुंचे। पार्टी का मानना है कि हिंसा और उकसावे से सिर्फ माहौल खराब होता है, जबकि शांति से ही विकास संभव है।
वहीं महानगर अध्यक्ष मास्टर खालिद ने कहा कि AIMIM देश में प्यार और भाईचारे का संदेश देती है। पार्टी किसी भी हाल में, कहीं भी, माहौल खराब नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि लोग आपस में मिलकर देश की तरक्की की बात करें, शिक्षा को बढ़ावा दें और रोजगार जैसे अहम मुद्दों पर ध्यान दें। नफरत और हिंसा से देश को कुछ हासिल नहीं होगा, बल्कि इससे सिर्फ नुकसान ही होगा।

प्रदेश सचिव हाजी दीन मोहम्मद अब्बासी ने फूल देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि कोई भी देश तलवार या बंदूक के दम पर तरक्की नहीं करता। असली ताकत कलम में है, जो इंसान को सोचने, समझने और आगे बढ़ने की राह दिखाती है। उन्होंने युवाओं से खास तौर पर शिक्षा को अपनाने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की।
सदर विधानसभा अध्यक्ष मास्टर इख्वान ने भी इस मौके पर अमन और भाईचारे की बात कही। उन्होंने कहा कि समाज को जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम शिक्षा है और कलम उसी का प्रतीक है। इसलिए AIMIM ने कलम बांटकर यह संदेश दिया है कि भविष्य ज्ञान और समझदारी से ही बनेगा।
इस कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ और स्थानीय नेताओं ने भी अपनी बात रखी। पूर्व जिलाध्यक्ष शाहरुल त्यागी, मीरापुर के पूर्व प्रत्याशी अरशद राणा, कुंवर उस्मान अली एडवोकेट और हाफिज जफरयाब राणा ने कहा कि यह मुल्क प्यार और मोहब्बत से चलेगा। नफरत के लिए यहां कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी गलत मानसिकता के चलते उल्टे-सीधे काम कर रहे हैं, उनसे सिर्फ समाज का माहौल खराब होता है, जो AIMIM किसी भी सूरत में नहीं चाहती।
नेताओं ने यह भी कहा कि AIMIM हमेशा संविधान के दायरे में रहकर काम करती है। पार्टी प्रमुख बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी संविधान की लड़ाई लड़ते हैं और हर मजलूम की आवाज उठाते हैं, चाहे वह किसी भी धर्म या वर्ग से क्यों न हो। यही वजह है कि AIMIM का संदेश सिर्फ एक समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए है।
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कार्यक्रम के दौरान आम लोगों ने भी इस पहल की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि मौजूदा समय में ऐसे कार्यक्रमों की बेहद जरूरत है, जो समाज को जोड़ने और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का काम करें।
कुल मिलाकर, मुजफ्फरनगर में AIMIM द्वारा फूल और कलम बांटने का यह कार्यक्रम एक प्रतीकात्मक लेकिन मजबूत संदेश लेकर आया कि देश को नफरत नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रेम और भाईचारा चाहिए। यह पहल यह याद दिलाती है कि शांति और संवाद ही किसी भी समाज की असली ताकत होती है।
