gold silver rate today sone ka rate सोना और चांदी
सोना 1,36,960 रुपये और चांदी 2 लाख के पार: रिकॉर्ड स्तर पर कीमती धातुएं, बाजार में हलचल
नई दिल्ली। देश के सर्राफा बाजार में आज ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली। सोना जहां 1,36,960 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, वहीं चांदी ने भी 2 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार कर नया रिकॉर्ड बना लिया। इन दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में आई इस जबरदस्त उछाल ने निवेशकों, ज्वैलरी कारोबारियों और आम ग्राहकों तीनों को चौंका दिया है। बाजार में यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर सोना-चांदी इतनी महंगी क्यों हो गई और आगे इसका रुख क्या रह सकता है।
सोना और चांदी की कीमतों में वैश्विक संकेतों से मिला सहारा
सोना और चांदी की कीमतों में तेजी का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे संकेत माने जा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता, प्रमुख देशों के बीच तनाव, और मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ा है। ऐसे हालात में सोना और चांदी हमेशा से भरोसेमंद विकल्प माने जाते रहे हैं।
डॉलर में कमजोरी और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में ब्याज दरों को लेकर असमंजस ने भी कीमती धातुओं को मजबूती दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब सोने और चांदी के भाव चढ़ते हैं, तो उसका सीधा असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है।
सोना और चांदी की कीमतों में घरेलू मांग ने बढ़ाया जोर
भारत में शादी-ब्याह का मौसम और त्योहारों की आहट भी सोने-चांदी की मांग को बढ़ा रही है। आभूषणों की खरीद के लिए सर्राफा बाजारों में चहल-पहल बनी हुई है। हालांकि ऊंची कीमतों के कारण कई ग्राहक फिलहाल खरीदारी टालते नजर आ रहे हैं, लेकिन निवेशक वर्ग इस तेजी को अवसर के रूप में देख रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है। चांदी न केवल आभूषणों में बल्कि धार्मिक कार्यों और घरेलू उपयोग में भी महत्वपूर्ण स्थान रखती है, जिससे इसकी मांग स्थिर बनी रहती है।
चांदी की औद्योगिक मांग
चांदी की कीमतों में आई तेज उछाल का एक बड़ा कारण इसकी औद्योगिक मांग भी है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, बैटरी और अन्य आधुनिक तकनीकों में चांदी का उपयोग तेजी से बढ़ा है। हरित ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों पर बढ़ते फोकस ने चांदी की मांग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में भी औद्योगिक क्षेत्र से चांदी की मांग मजबूत बनी रह सकती है, जिससे इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद ऊंचा स्तर बना रह सकता है।
निवेशकों की बदलती रणनीति
सोने के 1,36,960 रुपये और चांदी के 2 लाख रुपये के पार पहुंचने से निवेशकों की रणनीति में भी बदलाव देखा जा रहा है। जहां कुछ निवेशक मुनाफा वसूली की तैयारी में हैं, वहीं लंबी अवधि के निवेशक अभी भी बाजार में टिके हुए हैं।
वित्तीय जानकारों का कहना है कि जिन निवेशकों ने पहले कम दामों पर खरीदारी की थी, उनके लिए यह समय लाभ का है। हालांकि नए निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि ऊंचे स्तरों पर कीमतों में अचानक गिरावट का जोखिम भी बना रहता है।
आम ग्राहकों पर असर
सोने-चांदी की रिकॉर्ड कीमतों का सीधा असर आम ग्राहकों पर पड़ा है। ज्वैलरी की कीमतें बढ़ने से शादी और अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों का बजट प्रभावित हो रहा है। कई लोग हल्के गहनों या पुराने आभूषणों की अदला-बदली का विकल्प चुन रहे हैं।
सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक अब वजन कम और डिजाइन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, ताकि बढ़ती कीमतों के बीच भी खरीदारी संभव हो सके।
सरकार और बाजार की नजर
कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उछाल पर सरकार और नियामक संस्थाओं की भी नजर है। आयात शुल्क, टैक्स नीति और मुद्रा विनिमय दर जैसे कारक भी घरेलू कीमतों को प्रभावित करते हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आती है या नीतिगत बदलाव होते हैं, तो कीमतों में कुछ नरमी भी देखने को मिल सकती है।
आगे क्या?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में सोना और चांदी दोनों ही ऊंचे स्तर पर बने रह सकते हैं। हालांकि बीच-बीच में मुनाफा वसूली के कारण हल्की गिरावट संभव है। लंबी अवधि में वैश्विक आर्थिक हालात, महंगाई और ब्याज दरें इनकी दिशा तय करेंगी। निवेशकों और ग्राहकों के लिए सलाह यही है कि वे जल्दबाजी में फैसला न लें, बाजार के रुझानों पर नजर रखें और अपनी जरूरत व जोखिम क्षमता के अनुसार ही खरीदारी या निवेश करें।
See also this: pregnancy प्रेग्नेंसी के 4 और 5 महीने में क्या करें और क्या न करें .
सोने का 1,36,960 रुपये और चांदी का 2 लाख रुपये के पार पहुंचना न केवल बाजार के लिए बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत है। यह तेजी जहां निवेशकों के लिए अवसर लेकर आई है, वहीं आम ग्राहकों के लिए चुनौती भी बन गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कीमती धातुओं का यह सुनहरा और चमकदार दौर कितनी दूर तक जाता है।
