Bank Loan बैंक लोन उत्पीड़न से हार्ट अटैक-किसान की मौत
भूमि विकास बैंक लोन के कथित उत्पीड़न से टूटा किसान की हार्ट अटैक से मौत, भाकियू ने बैंक प्रशासन पर लगाया गंभीर आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग
मुजफ्फरनगर। जनपद से एक बेहद दुखद और गंभीर मामला सामने आया है, जहां भूमि विकास बैंक लोन के कथित उत्पीड़न और लगातार मानसिक दबाव के चलते एक किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक किसान की पहचान रहतू लाल शर्मा के रूप में हुई है। इस घटना के बाद किसान संगठनों में आक्रोश व्याप्त है और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने बैंक प्रशासन को सीधे तौर पर इस मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
जानकारी के अनुसार, किसान रहतू लाल शर्मा भूमि विकास बैंक से जुड़े एक ऋण ( बैंक लोन ) मामले को लेकर लंबे समय से परेशान चल रहे थे। आरोप है कि बैंक कर्मियों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे किसान गहरे मानसिक तनाव में थे। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि बैंक की ओर से बार-बार नोटिस, धमकियों और वसूली के दबाव ने किसान की मानसिक स्थिति को पूरी तरह तोड़ दिया था।
पहले ही दी गई थी अधिकारियों को शिकायत
इस पूरे मामले को लेकर भाकियू नेता विकास शर्मा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि भूमि विकास बैंक लोन की कार्यप्रणाली को लेकर पहले ही जिला प्रशासन को आगाह किया जा चुका था। विकास शर्मा के अनुसार, बीते माह 27 तारीख को उन्होंने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित रूप से शिकायत दी थी, जिसमें बैंक द्वारा किसानों के साथ किए जा रहे कथित उत्पीड़न और शोषण की जानकारी दी गई थी।
उन्होंने प्रशासन को यह भी बताया था कि बैंक की नीतियों और कर्मचारियों के व्यवहार से कई किसान मानसिक रूप से परेशान हैं और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बावजूद इसके, प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बैंक लोन मानसिक दबाव बना मौत की वजह
परिजनों का कहना है कि बैंक से जुड़े मामलों को लेकर रहतू लाल शर्मा बीते कई दिनों से बेहद चिंतित थे। वे अक्सर तनाव में रहते थे और परिवार से भी अपनी परेशानी साझा करते थे। आरोप है कि बैंक कर्मियों द्वारा लगातार बनाए जा रहे बैंक लोन दबाव और कथित अपमानजनक व्यवहार ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया। इसी मानसिक तनाव के चलते उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
भाकियू का फूटा गुस्सा
किसान की मौत की खबर मिलते ही भाकियू नेता विकास शर्मा और अन्य किसान नेता मौके पर पहुंचे। उन्होंने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक मौत नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन और बैंक प्रबंधन ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया होता, तो आज एक किसान की जान नहीं जाती।
भाकियू ने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में भूमि विकास बैंक पूरी तरह जिम्मेदार है। संगठन ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जिन बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों पर उत्पीड़न के आरोप हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
परिजनों में मचा कोहराम
किसान की अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। घर में मातम पसरा है और परिजन सदमे में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रहतू लाल शर्मा एक मेहनती किसान थे और अपने परिवार की जिम्मेदारियां पूरी ईमानदारी से निभा रहे थे। बैंक लोन के दबाव ने उनकी जिंदगी छीन ली, ऐसा ग्रामीणों का आरोप है।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर किसानों पर बढ़ते कर्ज बैंक लोन और बैंकिंग दबाव के मुद्दे को उजागर कर दिया है। किसान संगठनों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर समय रहते रोक नहीं लगी, तो भविष्य में और भी किसान इसी तरह मानसिक तनाव का शिकार हो सकते हैं।
फिलहाल भाकियू ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। यह मामला अब प्रशासन और बैंकिंग व्यवस्था दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।
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