यूपी में अब 15 जनवरी को खुलेंगे स्कूल, शिक्षकों को बुलाने का आदेश
ठंड, कोहरे और शीतलहर के चलते बदला गया सभी स्कूल का शेड्यूल, प्रशासन सतर्क
लखनऊ 29/12/2025। प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए स्कूल को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार अब प्रदेश भर में सभी सरकारी और निजी स्कूल 15 जनवरी से खोले जाएंगे। इससे पहले स्कूल खोलने की जो संभावनाएं जताई जा रही थीं, उन पर फिलहाल विराम लगा दिया गया है। हालांकि, कुछ जिलों में प्रशासन ने शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को बुलाने का आदेश जारी कर दिया है, ताकि शैक्षणिक और प्रशासनिक तैयारियां समय पर पूरी की जा सकें।
ठंड और कोहरे ने बढ़ाई चिंता
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है। सुबह के समय घना कोहरा और शीतलहर के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे सड़क हादसों की आशंका भी बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का फैसला लिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों पर ठंड का असर अधिक पड़ता है और सुबह-सुबह स्कूल जाने से उनके बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है। इसी वजह से सरकार ने एहतियातन यह कदम उठाया है।
15 जनवरी से खुलेंगे स्कूल
शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल 15 जनवरी से नियमित रूप से संचालित होंगे। इससे पहले स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी। हालांकि, स्थिति सामान्य रहने पर ही स्कूलों को खोलने की अनुमति दी जाएगी। यदि मौसम और अधिक खराब होता है तो आगे भी निर्णय में बदलाव किया जा सकता है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक जिला प्रशासन को यह अधिकार दिया गया है कि वह अपने जिले की स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए स्कूल संचालन को लेकर निर्णय ले सके।
कुछ जिलों में शिक्षकों को बुलाने का आदेश
हालांकि छात्रों को अभी स्कूल नहीं बुलाया जाएगा, लेकिन कई जिलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को स्कूल आने के निर्देश दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों को बुलाने का उद्देश्य शैक्षणिक सत्र की तैयारी, पाठ्यक्रम की योजना, परीक्षा संबंधी कार्य और स्कूल रिकॉर्ड को अपडेट करना है। इसके अलावा कई स्कूलों में आगामी परीक्षाओं, प्रायोगिक कार्य और बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर शिक्षकों की बैठकें भी आयोजित की जाएंगी। प्रशासन का मानना है कि यदि शिक्षक पहले से तैयारी कर लेंगे तो 15 जनवरी के बाद पढ़ाई को गति देने में आसानी होगी।
ऑनलाइन और वैकल्पिक व्यवस्था
कुछ जिलों में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जहां संभव हो, वहां ऑनलाइन कक्षाओं या वैकल्पिक शैक्षणिक गतिविधियों का सहारा लिया जाए। खासकर उच्च कक्षाओं के छात्रों के लिए ऑनलाइन मार्गदर्शन और नोट्स उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
हालांकि ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट और तकनीकी संसाधनों की कमी को देखते हुए ऑनलाइन पढ़ाई को अनिवार्य नहीं किया गया है।
अभिभावकों ने ली राहत की सांस
स्कूलों की छुट्टियां बढ़ने की खबर से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। कई माता-पिता का कहना है कि सुबह के समय बच्चों को ठंड और कोहरे में स्कूल भेजना जोखिम भरा होता है। खासकर छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति और भी मुश्किल हो जाती है। अभिभावकों का यह भी कहना है कि सरकार का यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है, जो सराहनीय है।
शिक्षकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
शिक्षकों के बीच इस फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां कुछ शिक्षक इसे सही मान रहे हैं और कहते हैं कि स्कूलों की तैयारी के लिए समय मिल जाएगा, वहीं कुछ शिक्षकों का कहना है कि अत्यधिक ठंड में उन्हें स्कूल बुलाना भी चुनौतीपूर्ण है। शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि जिन जिलों में ठंड अधिक है, वहां शिक्षकों को भी कुछ दिनों की अतिरिक्त राहत दी जाए या फिर स्कूल समय में लचीलापन रखा जाए।
जिला प्रशासन की तैयारियां
जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग स्कूल खुलने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। स्कूल परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति और कक्षाओं में बैठने की व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल खुलने के बाद बच्चों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। सुबह की प्रार्थना सभा को छोटा रखने या कक्षाओं में आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने भी ठंड को देखते हुए स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बच्चों को गर्म कपड़े पहनकर आने, ठंडे पानी से बचने और सर्दी-खांसी के लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज कराने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा स्कूलों में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आगे क्या हो सकता है फैसला?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और कोहरा अभी बना रह सकता है। ऐसे में यह संभावना भी जताई जा रही है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है तो सरकार स्कूल खोलने की तारीख पर फिर से विचार कर सकती है। फिलहाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और हालात के अनुसार आगे भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
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प्रदेश में 15 जनवरी से स्कूल खोलने का फैसला मौजूदा मौसम परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया है। जहां छात्रों को अभी कुछ दिन और राहत मिली है, वहीं शिक्षकों को शैक्षणिक तैयारियों के लिए स्कूल बुलाया जा रहा है। प्रशासन, शिक्षा विभाग और अभिभावक सभी इस बात पर सहमत हैं कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अब सभी की नजरें मौसम की स्थिति और आगामी सरकारी फैसलों पर टिकी हुई हैं।
