Siriya me namaj ke time masjid me bomb blast 6 killed सीरिया में नमाज के दौरान मस्जिद में बम धमाका- 6 की मौत
सीरिया में इबादत के बीच तबाही, मस्जिद में बम धमाका, 6 की मौत, 21 घायल
सीरिया। सीरिया में एक बार फिर हिंसा ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। शांति और इबादत की जगह मानी जाने वाली मस्जिद को नमाज के दौरान मस्जिद में बम धमाके से दहला दिया गया। इस हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और हर तरफ चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही नमाज अदा की जा रही थी, उसी दौरान अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके की आवाज इतनी जबरदस्त थी कि मस्जिद की दीवारें और छत का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। कई नमाजी मलबे के नीचे दब गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और राहतकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए और पूरे इलाके को घेर लिया गया। किसी और विस्फोट की आशंका के चलते तलाशी अभियान चलाया गया। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह हमला सुनियोजित था और इसे नमाज के वक्त अंजाम दिया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाया जा सके।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि धमाके में मस्जिद के अंदर मौजूद लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। खिड़कियों के शीशे टूट गए और कई इमारतों में दरारें आ गईं। हमले के बाद इलाके में डर और दहशत का माहौल है, लोग अपने घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, घायलों में महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कुछ घायलों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है और अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ को बुलाया गया है।
इस हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी संगठन ने नहीं ली है। हालांकि, सीरिया में लंबे समय से चल रहे संघर्ष और आतंकी गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
स्थानीय धार्मिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि इबादत की जगहों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ अपराध है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सीरिया में आम नागरिकों की सुरक्षा कितनी कमजोर है। वर्षों से चल रहे संघर्ष के बीच आम लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। मस्जिद में हुआ यह धमाका न केवल एक आतंकी हमला है, बल्कि शांति और भाईचारे पर भी सीधा हमला माना जा रहा है।
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अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सीरिया में स्थायी शांति नहीं स्थापित होती, तब तक इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहेगा।
फिलहाल, सुरक्षा बलों ने जांच तेज कर दी है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लोग दुआ कर रहे हैं कि इस जख्मी देश में एक दिन शांति लौटे और इबादतगाहें फिर से सुरक्षित बन सकें।
