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सौरभ हत्याकांड में नया मोड़, मुस्कान ने दिया बेटी को जन्म , परिजनों ने डीएनए टेस्ट की उठाई मांग
मुस्कान ने दिया बेटी को जन्म : मेरठ। मेरठ के चर्चित और बेहद संवेदनशील नीले ड्रम वाले सौरभ हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया। हत्या के आरोप में जेल में बंद सौरभ की पत्नी ने मेरठ मेडिकल कॉलेज में मुस्कान ने दिया बेटी को जन्म। बच्ची का नाम राधा रखा गया है। जैसे ही यह खबर सामने आई, यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। वहीं, सौरभ के परिवार ने बच्ची के डीएनए टेस्ट की मांग उठाते हुए कहा है कि सच्चाई सामने आनी चाहिए।
जेल से अस्पताल पहुंचाई गई मुस्कान, सामान्य प्रसव में दिया बेटी को जन्म
दोपहर मुस्कान को जेल में अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। जेल प्रशासन ने तुरंत उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज के जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती कराया, जहां महिला रोग विशेषज्ञों की टीम लगातार उसकी स्थिति की निगरानी करती रही।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने पूरी कोशिश की कि प्रसव सामान्य प्रक्रिया से हो। शाम तक मुस्कान ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। जन्म के तुरंत बाद अस्पताल में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात कर दी गई और किसी भी बाहरी व्यक्ति को मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, जच्चा-बच्चा दोनों बिल्कुल स्वस्थ हैं और नियमानुसार बच्ची अपनी मां के साथ जेल में ही रहेगी।
गर्भवती होने की पुष्टि गिरफ्तारी के बाद हुई थी
मुस्कान को 19 मार्च को सौरभ की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद तबीयत खराब होने पर जब जेल में उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया, तब यह पुष्टि हुई कि वह गर्भवती है। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसकी डाइट, देखरेख और चिकित्सकीय सुविधाओं में विशेष ध्यान दिया।
जेल नियमों के अनुसार, किसी महिला कैदी का बच्चा पाँच से छह वर्ष की आयु तक उसके साथ जेल में रह सकता है। उसके बाद बच्ची को नारी निकेतन या परिजनों के सुपुर्द किया जा सकता है।

मायके और ससुराल—दोनों पक्षों ने बनाई दूरी
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बच्ची के जन्म के बाद न तो मुस्कान के मायके से कोई आया और न ही ससुराल पक्ष से एक भी सदस्य अस्पताल पहुंचा। सूत्रों के अनुसार, जेल प्रशासन ने मुस्कान के परिवार और सौरभ के परिवार दोनों को सूचना दी थी, लेकिन किसी ने भी अस्पताल जाकर बच्ची या मुस्कान का हालचाल नहीं पूछा।
सौरभ के जन्मदिन पर मुस्कान ने दिया बेटी को जन्म —अजीब संयोग
मामले में दिलचस्प मोड़ तब आया जब पता चला कि मुस्कान ने जिस दिन बच्ची को जन्म दिया, वह दिन सौरभ का जन्मदिन था।
सौरभ 24 नवंबर 1994 को जन्मे थे और इस साल वह 31 वर्ष के हो जाते। यही वह तारीख थी जब मुस्कान ने अपनी दूसरी बेटी को जन्म दिया। मुस्कान की पहली बेटी पीहू वर्तमान में उसके मायके में नाना-नानी के पास रह रही है।
सौरभ के भाई बॉबी ने उठाई डीएनए टेस्ट की मांग
बच्ची के जन्म के तुरंत बाद सौरभ के भाई बॉबी की प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्ची के भविष्य को लेकर कोई भी निर्णय डीएनए टेस्ट के बाद ही लिया जाएगा। बॉबी का कहना है कि: यदि डीएनए सौरभ से मैच करता है तो वे बच्ची की परवरिश की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। लेकिन संभावना बहुत कम है, इसलिए केवल रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कदम उठाएंगे। यदि डीएनए मेल नहीं खाता, तो मुस्कान अपनी बच्ची की पालन-पोषण की जिम्मेदारी खुद उठाए, उनसे कोई लेना-देना नहीं है।

क्या था सनसनीखेज नीला ड्रम हत्याकांड?
पूरा देश तब दहल गया था जब मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उसका शव प्लास्टिक के नीले ड्रम में सीमेंट के घोल के साथ दबा हुआ मिला था।
घटना का पूरा घटनाक्रम —
- सौरभ राजपूत लंदन के एक मॉल में नौकरी करता था और 24 फरवरी को वह भारत लौटकर मेरठ में अपने घर आया था।
- 25 फरवरी को उसने बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया और 27 फरवरी को पत्नी मुस्कान का।
- लेकिन इसी बीच मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर 3 मार्च की रात सौरभ की हत्या की योजना बना ली।
- वारदात की रात मुस्कान और साहिल ने चाकू से सौरभ के सीने पर वार किया और फिर गला काटकर उसकी हत्या कर दी।
- दोनों ने शव के टुकड़े किए और नीले प्लास्टिक ड्रम में सीमेंट डालकर उसे सील कर दिया, ताकि बदबू न फैले।
- मामला उजागर होने पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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मुस्कान की बेटी के जन्म के बाद फिर बढ़ी सुर्खियां, जांच एजेंसियाँ भी सक्रिय बच्ची के जन्म के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। सौरभ के परिवार की ओर से डीएनए जांच की मांग के बाद पुलिस और जेल प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने साफ किया कि: बच्ची पर पहला अधिकार मां यानी मुस्कान का ही है। परिजनों में से कोई दावा करता है तो नियमानुसार डीएनए टेस्ट अनिवार्य होगा। फिलहाल बच्ची अपनी मां के साथ जेल में ही रहेगी।
डीएनए टेस्ट की चर्चा तेज, जेल प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा
बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में मुस्कान द्वारा बेटी को जन्म देने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। जेल प्रशासन और पुलिस विभाग ने अब इस केस की निगरानी और बढ़ा दी है, क्योंकि बच्ची के जन्म के बाद सौरभ के परिजनों द्वारा डीएनए टेस्ट की मांग से नया विवाद खड़ा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की कानूनी प्रक्रिया अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुकी है, जहां बच्ची की पहचान और अधिकारों पर भी सवाल उठ खड़े हुए हैं।
मुस्कान रस्तोगी अभी जिला जेल में बंद है और वहीं से उसे मेडिकल कॉलेज में प्रसव के लिए भेजा गया था। जेल सूत्रों ने बताया कि मुस्कान को वापस जेल लाए जाने के बाद उसकी बैरक के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक भीड़ या मीडिया का दबाव न बने। जेल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि बच्ची की देखभाल के लिए महिला स्टाफ को नियुक्त किया गया है और जच्चा-बच्चा को विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
सौरभ के परिवार की ओर से उठाई गई डीएनए जांच की मांग के बाद पुलिस कानूनी राय ले रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बच्ची पर कोई दावा या आपत्ति आती है, तो कोर्ट की अनुमति के बाद ही डीएनए सैंपल लिए जा सकेंगे। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से कोई औपचारिक आवेदन नहीं दिया गया है, लेकिन इस मुद्दे पर बहस लगातार तेज हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्ची के जन्म के बाद यह केस एक बार फिर चर्चा में आ गया है, और कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। मुस्कान के प्रेमी साहिल शुक्ला की संलिप्तता, हत्या की योजना, और अब बच्ची की वैधता को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस का कहना है कि बच्ची का जन्म चाहे जिस परिस्थिति में हुआ हो, उसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मामले से जुड़े हर पहलू पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
