मुज़फ्फरनगर में AIMIM
संगठनात्मक बैठक में नई जिम्मेदारियों का एलान, सपा छोड़ कई नेताओं ने थामी AIMIM की सदस्यता
मुज़फ्फरनगर। जिले की सियासत में इन दिनों ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की सक्रियता तेज़ी से बढ़ती नज़र आ रही है। पार्टी ने गांव-देहात से लेकर शहरी इलाकों तक संगठन को मज़बूत करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। इसी क्रम में रविवार को जिला महासचिव कुंवर उस्मान एडवोकेट के आवास पर एक अहम संगठनात्मक बैठक का आयोजन किया गया, जिसने जिले की राजनीतिक हलचल को और तेज़ कर दिया।
इस बैठक की अध्यक्षता पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव इंतजार अंसारी ने की, जबकि संचालन की ज़िम्मेदारी यूथ विंग के प्रदेश सचिव हाफिज़ ज़फरयाब अली ने संभाली। बैठक में AIMIM के जिला और विधानसभा स्तर के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संगठन का विस्तार, नई जिम्मेदारियों का वितरण और आगामी राजनीतिक रणनीति पर मंथन करना रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष मौलाना इमरान कासमी ने कहा कि AIMIM अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांव-गांव जाकर आम जनता की आवाज़ बनेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोज़गार और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए मज़बूती से लड़ना है। इसी सोच के तहत संगठन में नए और सक्रिय चेहरों को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं, ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूती मिल सके।
बैठक में संगठन विस्तार के तहत कई अहम नियुक्तियों की घोषणा की गई। सदर विधानसभा अध्यक्ष के रूप में मास्टर इखवान को जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि जिला सचिव के पद पर मोहम्मद अमजद को नियुक्त किया गया। इन नियुक्तियों के बाद कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिला और संगठन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।
इस दौरान AIMIM को एक और बड़ी राजनीतिक मजबूती मिली, जब डॉ. मोहम्मद आज़म फैज़ मोहम्मद, शाहरुख, मोहम्मद सुहैल, शाहबाज़ त्यागी और मोहम्मद शाहिद ने समाजवादी पार्टी से नाता तोड़कर AIMIM की सदस्यता ग्रहण की। इन सभी नेताओं को पश्चिम प्रदेश सचिव हाफिज़ ज़फरयाब अली के माध्यम से पार्टी में शामिल कराया गया। पार्टी नेतृत्व ने इसे AIMIM की नीतियों और बढ़ते जनाधार का परिणाम बताया।

बैठक में आगामी दिनों में प्रदेश अध्यक्ष के मुज़फ्फरनगर दौरे को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। नेताओं ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के दौरे के दौरान जिले में बड़ी जनसभाओं और संगठनात्मक बैठकों का आयोजन किया जाएगा, जिससे पार्टी की नीतियों को आम जनता तक पहुंचाया जा सके। इस दौरे को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने कहा कि AIMIM अब केवल चुनावी पार्टी नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन के रूप में काम कर रही है। गांव-देहात में लगातार बैठकें, सदस्यता अभियान और लोगों की समस्याओं को उठाने से पार्टी को जनता का भरोसा मिल रहा है। नेताओं ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में AIMIM जिले की राजनीति में एक मज़बूत विकल्प बनकर उभरेगी।
इस मौके पर यूथ जिला अध्यक्ष मौलाना अब्दुल मजीद, जिला महासचिव कुंवर उस्मान एडवोकेट, जिला पंचायत के संभावित प्रत्याशी ताज मोहम्मद, मोहम्मद बाबर, नाज़िम चौहान, हामिद राणा, बुढ़ाना विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम, अब्दुल गफ्फार, मोहम्मद सलमान, मौलाना आदिल, जिशान राणा, आबिद अली सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
See also this: सईदुज्जमां, कादिर राना समेत पांच आरोपी 22 साल बाद दोषमुक्त
बैठक के अंत में पार्टी नेताओं ने एकजुट होकर संगठन को और मज़बूत करने का संकल्प लिया और कहा कि AIMIM का यह सक्रिय अभियान आने वाले चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव ला सकता है। जिले की राजनीति में AIMIM की बढ़ती सक्रियता को लेकर अन्य दलों में भी हलचल साफ़ तौर पर देखी जा रही है।