जमीयत उलेमा जिला लुधियाना
जमीयत उलेमा जिला लुधियाना की बैठक में राष्ट्रीय एकता तथा नई पीढ़ी में धार्मिक एवं शैक्षणिक जागरूकता पर जोर
लुधियाना। जमीयत उलेमा जिला लुधियाना के अरकान-ए-मुन्तज़िमा की एक महत्वपूर्ण बैठक आज रविवार को प्रातः 10 बजे जिला कार्यालय, मदनी मदरसा, राहों रोड, लुधियाना में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जमीयत उलेमा जिला लुधियाना के उपाध्यक्ष हाफिज़ मुहम्मद नाज़िम ने की जबकि संचालन का दायित्व मुफ्ती शोएब आलम, नाज़िम इस्लाह-ए-मुआशरा, जमीयत उलेमा जिला लुधियाना ने निभाया। बैठक का आरंभ तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक एवं नात-ए-रसूल-ए-अकरम ﷺ से हुआ।
बैठक में वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों की विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से युवा पीढ़ी में बढ़ती वैचारिक एवं व्यावहारिक भटकाव, नशे की लत, चोरी, धर्म एवं शिक्षा से दूरी तथा अन्य सामाजिक बुराइयों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि वर्तमान परिस्थितियों में समाज सुधार के कार्य को केवल व्यक्तिगत प्रयासों तक सीमित रखने के बजाय इसे एक संगठित, निरंतर एवं प्रभावी सुधार आंदोलन का रूप देना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
इस अवसर पर मुफ्ती शोएब आलम ने कहा कि समाज सुधार के लिए जमीयत उलेमा के शोबा-ए-इस्लाह-ए-मुआशरा के तंत्र को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि जिले के सभी क्षेत्रों में व्यवस्थित रूप से सुधार अभियान चलाया जाए तथा जमीयत उलेमा के सभी सदस्य स्वयं धार्मिक कार्यों, विशेष रूप से नमाज़ एवं अन्य दीन संबंधी मामलों में व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत करें, ताकि उनका जीवन स्वयं दावत एवं सुधार का प्रभावी माध्यम बन सके।
इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए जनाब महरुद्दीन सैफी ने कहा कि सुधार गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए जमीयत उलेमा के सदस्यों को दावत एवं तब्लीग के साथियों, मस्जिदों के अध्यक्षों तथा इमामों के साथ आपसी सहयोग से कार्य करना चाहिए। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी देते हुए इसे व्यावहारिक रूप देने का संकल्प लिया।
मौलाना मुहम्मद नसीम क़ासमी, महासचिव जमीयत उलेमा लुधियाना ने जिला स्तर पर धार्मिक एवं ईमानी जागरूकता के लिए प्रत्येक क्षेत्र में सुधार कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मस्जिदों के इमाम अपने जुमे के खुतबों में वर्तमान दौर की चुनौतियों, युवाओं की समस्याओं तथा समाज सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावी ढंग से सामने रखें। इस प्रस्ताव को भी बैठक में उपस्थित अरकान-ए-मुन्तज़िमा ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए हाफिज़ मुहम्मद नाज़िम ने सुधार गतिविधियों की निगरानी एवं प्रोत्साहन के लिए जिला स्तर पर एक विशेष प्रतिनिधिमंडल गठित करने पर जोर दिया। यह प्रतिनिधिमंडल जिले के विभिन्न यूनिटों एवं क्षेत्रों का दौरा करेगा, सुधार कार्यक्रमों में भाग लेगा तथा स्थानीय जिम्मेदारों के साथ मिलकर सुधार गतिविधियों को व्यवस्थित करेगा। इस प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त करते हुए सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित करने का निर्णय लिया गया।
कारी मुहम्मद ग़यूर, अध्यक्ष जमीयत उलेमा जिला लुधियाना ने राष्ट्रीय एकता एवं आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में देशवासियों के साथ जमीनी स्तर पर बेहतर, सकारात्मक एवं मजबूत संबंध स्थापित करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इस संबंध में बैठक में सभी क्षेत्रों में हिंदू, मुस्लिम, सिख एवं ईसाई समुदायों के लोगों को शामिल करते हुए मोहल्ला स्तर पर संयुक्त बैठकें आयोजित करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया, ताकि आपसी विश्वास, सहिष्णुता, प्रेम एवं राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा दिया जा सके।
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बैठक में उपस्थित सभी अरकान-ए-मुन्तज़िमा ने अपनी-अपनी राय रखते हुए इस संकल्प का इज़हार किया कि जमीयत उलेमा जिला लुधियाना समाज सुधार, धार्मिक एवं शैक्षणिक जागरूकता, युवा पीढ़ी की वैचारिक एवं नैतिक, राष्ट्रीय एकता तथा सामाजिक सद्भाव के लिए अपनी गतिविधियों को और अधिक संगठित, प्रभावी एवं व्यापक बनाएगी। अंत में मुफ्ती मुहम्मद खालिद, नाज़िम तंजीम व तरक्की की दुआ के साथ बैठक का समापन हुआ।
इस अवसर पर हाफिज़ मुहम्मद हाशिम (उपाध्यक्ष), हाफिज़ मुहम्मद नाज़िम (उपाध्यक्ष), मुफ्ती मुहम्मद खालिद, अख्तर अंसारी (खजांची), मुहम्मद यूनुस, महरबान इदरीसी, नफीस, अनीस अहमद त्यागी, मौलाना मुहम्मद आसिम, कारी मुहम्मद एहसान, हसीबुल हक, मुहम्मद इकबाल अंसारी, नूर मुहम्मद, हाफिज़ मुहम्मद मुख्तार, महरुद्दीन सैफी, अब्दुल बासित इकबाल सलमानी तथा रियाज़ अंसारी सहित अन्य अरकान-ए-आमिला मौजूद रहे।