पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से आम आदमी की जेब पर बढ़ा बोझ
नई दिल्ली। देशभर में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को लगातार चौथी बार तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। नई कीमतें लागू होने के बाद कई बड़े शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है, जबकि डीजल भी तेजी से महंगा हो रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला आम जनता की जेब पर सीधा असर डालने वाला माना जा रहा है।
तेल कंपनियों के मुताबिक इस बार पेट्रोल की कीमत में करीब 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में लगभग 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी वृद्धि है, जिससे कुल मिलाकर पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है।
दिल्ली में पेट्रोल 100 रुपये के पार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब 102 रुपये प्रति लीटर के ऊपर पहुंच गई है। वहीं डीजल भी 95 रुपये प्रति लीटर के करीब बिक रहा है। कुछ दिन पहले तक दिल्ली में पेट्रोल करीब 95 रुपये लीटर था, लेकिन लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण कीमतों में तेज उछाल आया है।
मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी बढ़ी कीमतें
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच चुकी है, जबकि डीजल भी 99 रुपये के करीब बिक रहा है। कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी ईंधन के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम
शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)
- दिल्ली 102.12 95.20
- मुंबई 111.18 99 के करीब
- कोलकाता 113.47 97 के आसपास
- चेन्नई 107.77 97 के करीब
- गुरुग्राम 100+ 92+
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव इसका सबसे बड़ा कारण है। ईरान संकट और वैश्विक सप्लाई पर असर के चलते क्रूड ऑयल महंगा हो गया है। इसका असर अब भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी तेल आयात को महंगा बना रही है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
आम जनता पर बढ़ेगा बोझ
पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर केवल वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से खाने-पीने की चीजों, दूध, सब्जियों और रोजमर्रा के सामान की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने लगती है। बिहार समेत कई राज्यों में दूध और डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी इजाफा देखा जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित नहीं हुईं, तो ईंधन के दाम और बढ़ सकते हैं। इससे महंगाई दर पर भी असर पड़ सकता है।
पिछले 10 दिनों में कितनी बढ़ीं कीमतें?
रिपोर्ट्स के अनुसार 15 मई के बाद से पेट्रोल की कीमतों में करीब 7 से 8 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। डीजल भी लगभग इतने ही अनुपात में महंगा हुआ है। लगातार बढ़ रही कीमतों ने मध्यम वर्ग और रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वालों की परेशानी बढ़ा दी है।
तेल कंपनियां कैसे तय करती हैं कीमतें?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें सरकारी तेल कंपनियां तय करती हैं। इनमें मुख्य रूप से इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम शामिल हैं। कीमत तय करते समय अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल रेट, टैक्स, ट्रांसपोर्ट खर्च और रुपये-डॉलर विनिमय दर को ध्यान में रखा जाता है।
राज्यों में वैट अलग-अलग होने की वजह से हर शहर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी अलग दिखाई देती हैं। यही कारण है कि कुछ राज्यों में ईंधन सस्ता है, जबकि कुछ जगहों पर बहुत महंगा बिक रहा है।
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आगे क्या और बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले दिनों में लोगों को और महंगाई झेलनी पड़ सकती है। फिलहाल तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
ईंधन की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी के बजट को झटका दिया है। अब लोगों की नजर सरकार और तेल कंपनियों के अगले फैसले पर टिकी हुई है कि आने वाले दिनों में राहत मिलेगी या महंगाई और बढ़ेगी।