तेल कंपनियों की नई पेमेंट प्रणाली बनी परेशानी का कारण, प्रशासन ने बताया—स्थिति नियंत्रण में
मुजफ्फरनगर, संवाददाता। मुजफ्फरनगर जिले में इन दिनों पेट्रोल-डीज़ल आपूर्ति को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी प्रमुख तेल कंपनियों द्वारा भुगतान प्रक्रिया में किए गए बदलाव का असर अब सीधे तौर पर पेट्रोल पंपों पर दिखने लगा है। खासकर शामली रोड स्थित कई पेट्रोल पंपों पर रात के समय ग्राहकों को पेट्रोल नहीं मिल पाया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि तेल कंपनियों ने हाल ही में अपनी भुगतान प्रणाली में बदलाव किया है, जिसके तहत पंप संचालकों को पहले से अधिक सख्त और तत्काल भुगतान सुनिश्चित करना पड़ रहा है। पहले जहां कुछ लचीलापन था, वहीं अब एडवांस या त्वरित भुगतान की अनिवार्यता के चलते कई पंप संचालक समय पर ऑर्डर नहीं दे पा रहे हैं। इसका सीधा असर पेट्रोल की उपलब्धता पर पड़ रहा है।
अचानक फंड की व्यवस्था करना कठिन: पंप संचालक
शामली रोड के एक पंप संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नई व्यवस्था के चलते अचानक फंड की व्यवस्था करना कठिन हो गया है। “पहले हमें थोड़ा समय मिल जाता था, लेकिन अब तुरंत भुगतान करना पड़ रहा है। इससे सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है,” उन्होंने कहा।
इस बदलाव का असर आम जनता पर साफ नजर आ रहा है। देर रात काम से लौटने वाले लोग जब पेट्रोल भरवाने पहुंचे, तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। कई वाहन चालकों ने शिकायत की कि बिना किसी पूर्व सूचना के पंप बंद कर दिए गए, जिससे उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी पड़ी।
एक स्थानीय निवासी ने बताया, “हम रात में पेट्रोल भरवाने गए थे, लेकिन पंप बंद मिला। किसी ने पहले से सूचना नहीं दी थी। इससे काफी दिक्कत हुई।”
पेट्रोल-डीज़ल की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य: जिला पूर्ति अधिकारी
हालांकि, जिला आपूर्ति विभाग ने इस स्थिति को लेकर अलग ही दावा किया है। विभाग का कहना है कि जिले में पेट्रोल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ तकनीकी कारणों या पंप स्तर की समस्याओं के चलते अस्थायी रूप से आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, लेकिन इसे संकट की स्थिति नहीं कहा जा सकता।
जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा तेल की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है। यदि कहीं दिक्कत आ रही है, तो वह स्थानीय स्तर की समस्या है, जिसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।”
विशेषज्ञों का मानना है कि भुगतान प्रणाली में अचानक बदलाव से इस तरह की स्थिति उत्पन्न होना स्वाभाविक है। यदि कंपनियां और पंप संचालक समय रहते समन्वय स्थापित नहीं करते हैं, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और बढ़ सकती है।
परिवहन और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है असर : व्यापार मंडल
वहीं, व्यापार मंडल के कुछ सदस्यों ने प्रशासन से मांग की है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करे और तेल कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति को सामान्य बनाए। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो इसका असर परिवहन और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है।
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फिलहाल, मुजफ्फरनगर में पेट्रोल की स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है। जहां एक ओर पंप संचालक नई व्यवस्था से जूझ रहे हैं, वहीं आम जनता को भी अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तेल कंपनियां और प्रशासन मिलकर इस समस्या का समाधान कैसे निकालते हैं।
