सूजडू में रातभर चला हाई वोल्टेज ड्रामा, सुबह सपा नेता अब्दुल्ला राणा की पहल से पुलिस ने विवाहिता को ससुराल भिजवाया
मुज़फ्फरनगर। थाना खालापर क्षेत्र के सूजडू मोहल्ला जहांगीर पट्टी में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब एक विवाहिता अपने छोटे-छोटे मासूम बच्चों को लेकर ससुराल के बाहर धरने पर बैठ गई। महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे जबरन घर से निकाल दिया गया है और अब उसके पास बच्चों को लेकर जाने के लिए कोई ठिकाना नहीं है।
यह मामला देखते ही देखते हाई वोल्टेज ड्रामे में तब्दील हो गया। पूरी रात सर्द मौसम में महिला अपने बच्चों के साथ ससुराल के बाहर बैठी रही। स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद रही, वहीं सैकड़ों लोग भी घटनास्थल पर जमा हो गए। महिला का कहना था कि ससुराल वालों ने न सिर्फ उसे घर से निकाला बल्कि दरवाजा भी नहीं खोला।
दूसरी ओर, ससुराल पक्ष ने भी महिला पर ही कई गंभीर आरोप लगाए और घर का गेट बंद रखा। दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा और रातभर कोई समाधान नहीं निकल सका। महिला की हालत देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए, लेकिन ससुराल पक्ष अपनी जिद पर अड़ा रहा।
सुबह तड़के इस पूरे मामले की जानकारी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रत्याशी चरथावल अब्दुल्ला राणा को मिली। जानकारी मिलते ही उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद वे स्वयं भी पुलिस प्रशासन के संपर्क में आए और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई।
अब्दुल्ला राणा के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत की और स्थिति को नियंत्रण में लिया। समझाइश के बाद विवाहिता को पुलिस सुरक्षा में उसके ससुराल भिजवाया गया। काफी प्रयासों के बाद मामला शांत हुआ और देर सुबह इस पूरे घटनाक्रम का पटाक्षेप हो सका।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर हस्तक्षेप नहीं होता तो मामला और अधिक बिगड़ सकता था। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू विवादों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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समाजवादी पार्टी के नेता अब्दुल्ला राणा ने कहा कि किसी भी महिला के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर पार्टी हमेशा पीड़ितों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने पुलिस प्रशासन की भूमिका की भी सराहना की, जिसने समय रहते स्थिति को संभाला।
