मकतब मुहम्मदी मस्जिद कूकड़ा में कम उम्र में बड़ी कामयाबी—इल्म, तजवीद और मेहनत से नौनिहाल हाफ़िज़ों ने रचा दीनी तारीख़, मुकम्मल क़ुरआन करीम पर इलाके में खुशी की लहर
मुज़फ्फरनगर। दिनांक 27 जनवरी 2026, दिन मंगल को मकतब मुहम्मदी मस्जिद, कूकड़ा, मुज़फ्फरनगर में एक नूरानी और रूहानी नशिस्त का एहतिमाम किया गया। इस मुक़द्दस मौके पर मकतब के तीन तलबा ने एक ही नशिस्त में मुकम्मल क़ुरआन करीम सुनाकर इल्मी और दीनी हल्कों में खुशी की लहर दौड़ा दी।
इस नशिस्त में अब्दुल हन्नान बिन हाजी मुहम्मद तैय्यब (उम्र 13 साल), अकमाम बिन मुहम्मद जुल्फ़िकार (उम्र 14 साल) और रीहान बिन मुहम्मद जमालुद्दीन (उम्र 18 साल) ने पूरे अदब, तजवीद और खूबसूरत क़िराअत के साथ मुकम्मल क़ुरआन करीम सुनाया।
इस कामयाबी के पीछे उस्तादे मुह्तरम मौलाना मुफ्ती मुहम्मद आदिल मिफ्ताही की बे-मिसाल मेहनत, लगन और तालीमी जद्दोजहद साफ़ तौर पर नज़र आई। उनकी सरपरस्ती और सही रहनुमाई में तलबा ने यह अज़ीम मुक़ाम हासिल किया, जो पूरे इलाके के लिए फख़्र की बात है।
इस मौके पर मस्जिद के जिम्मेदारान, उलेमा-ए-किराम और अहले-मोहल्ला ने तलबा की हौसला-अफ़ज़ाई की और उस्तादे मुह्तरम की खिदमात को सराहा। दुआ की गई कि अल्लाह तआला इन नौनिहाल हाफ़िज़ों को दीन की और ज़्यादा खिदमत करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए और उनके वालिदैन व उस्ताद को इसका बेहतरीन अज्र नसीब करे।
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यह नशिस्त न सिर्फ़ मकतब मुहम्मदी की तालीमी कामयाबी का सुबूत है, बल्कि समाज के लिए एक मिसाली पैग़ाम भी है कि सही तरबियत और मेहनत से कम उम्र में भी बड़ी कामयाबियाँ हासिल की जा सकती हैं।
