भारतीय सेना का भगोड़ा जवान आतंकी बिहार से गिरफ्तार
भारतीय सेना से भगोड़ा घोषित जवान बिहार से गिरफ्तार, पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने का बड़ा खुलासा
नई दिल्ली/मोतिहारी। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े और बेहद संवेदनशील ऑपरेशन को अंजाम देते हुए भारतीय सेना का भगोड़ा जवान आतंकी घोषित एक पूर्व जवान को गिरफ्तार किया है। बिहार के मोतिहारी जिले के रक्सौल क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बड़ी सफलता माना जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान स्थित आतंकी और नशा तस्करी नेटवर्क के संपर्क में था और भारत से गोपनीय सैन्य जानकारियां दुश्मन देश तक पहुंचा रहा था।
आरोपी के पास से भारी मात्रा में मादक पदार्थ और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी ने एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस गिरफ्तारी के बाद आतंकी नेटवर्क, नशा तस्करी और जासूसी से जुड़े कई अहम राज सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
कौन है गिरफ्तार आरोपी राजवीर सिंह उर्फ फौजी
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान राजवीर सिंह उर्फ फौजी के रूप में हुई है। राजवीर वर्ष 2011 में भारतीय सेना में भर्ती हुआ था और शुरुआती वर्षों में उसकी सेवा रिकॉर्ड सामान्य रही। हालांकि, बीते कुछ वर्षों से उसकी गतिविधियों पर खुफिया एजेंसियों की नजर थी।
जांच में सामने आया है कि सेवा के दौरान ही वह पाकिस्तान के आतंकी हैंडलरों के संपर्क में आया और धीरे-धीरे देशविरोधी गतिविधियों में शामिल हो गया। सेना से जुड़ी अहम जानकारियों को वह पैसों और नशे की तस्करी के बदले पाकिस्तान तक पहुंचा रहा था।
भारत-नेपाल सीमा से फरार होने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, राजवीर सिंह हाल के दिनों में भारत छोड़कर नेपाल के रास्ते किसी तीसरे देश में शरण लेने की योजना बना रहा था। उसे यह अंदेशा हो चुका था कि सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में हैं।
इसी बीच खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति भारत-नेपाल सीमा के रक्सौल क्षेत्र में लगातार सक्रिय है। इसके बाद एसएसबी, बिहार पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त निगरानी शुरू की।
जैसे ही राजवीर सीमा क्षेत्र के नजदीक पहुंचा, सुरक्षा बलों ने उसे घेर लिया और पूछताछ के बाद हिरासत में ले लिया।
भारतीय सेना का भगोड़ा जवान से तलाशी में हेरोइन और हैंड ग्रेनेड बरामद
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी की तलाशी ली गई तो सुरक्षा एजेंसियां भी हैरान रह गईं। उसके पास से करीब 500 ग्राम हेरोइन और एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया।
माना जा रहा है कि यह मादक पदार्थ सीमा पार तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था, जबकि ग्रेनेड का इस्तेमाल किसी आतंकी वारदात के लिए किया जा सकता था। विस्फोटक मिलने के बाद आरोपी से पूछताछ का दायरा और बढ़ा दिया गया।
पाकिस्तान के आतंकी हैंडलरों से सीधा संपर्क
जांच एजेंसियों का कहना है कि राजवीर सिंह पाकिस्तान में बैठे आतंकी और तस्कर नेटवर्क के संपर्क में था। वह एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स, वर्चुअल नंबर और कोड वर्ड्स के जरिए बातचीत करता था ताकि एजेंसियों को भनक न लगे।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि उसे हर खेप के बदले मोटी रकम दी जाती थी। बदले में वह सेना की तैनाती, मूवमेंट और अन्य संवेदनशील जानकारियां साझा करता था।
पंजाब से सहयोगी चिराग भी गिरफ्तार
राजवीर की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके नेटवर्क को खंगालना शुरू किया। पूछताछ के दौरान उसने अपने एक करीबी सहयोगी का नाम उजागर किया। इसके बाद पंजाब पुलिस ने फाजिल्का जिले के कांशी राम कॉलोनी से चिराग नामक युवक को गिरफ्तार किया। चिराग के पास से 9 एमएम पिस्टल और 407 ग्राम हेरोइन बरामद की गई।
पुलिस के मुताबिक, चिराग राजवीर के लिए कुरियर और सप्लायर का काम करता था। वह नशे और हथियारों की खेप एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता था।
जासूसी मामले में पहले से दर्ज था केस
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, राजवीर सिंह के खिलाफ इस वर्ष फरवरी महीने में अमृतसर के घरिंडा थाने में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जासूसी का केस दर्ज होने के बाद वह भारतीय सेना से फरार हो गया था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। तभी से वह सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था, लेकिन बार-बार लोकेशन बदलने के कारण गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी।
ग्रेनेड हमले में भी भूमिका की जांच
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि हरियाणा के सिरसा में महिला पुलिस थाने पर हुए ग्रेनेड हमले में राजवीर सिंह और उसके सहयोगियों की भूमिका हो सकती है।
पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या वही ग्रेनेड सप्लाई किया गया था और हमले की साजिश में उसका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हाथ था। इस मामले में आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।
ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब ले जाने की तैयारी
फिलहाल आरोपी को मोतिहारी में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। सुरक्षा एजेंसियां उसे ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब ले जाने की तैयारी कर रही हैं, जहां उससे संयुक्त रूप से सेना, एनआईए और राज्य पुलिस पूछताछ कर सकती हैं।
अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई और नाम सामने आ सकते हैं, जिससे इस नेटवर्क की पूरी संरचना उजागर हो सके।
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राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर मामला
एक पूर्व सैनिक का इस तरह पाकिस्तान के लिए जासूसी करना और नशा तस्करी व आतंक से जुड़ना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर चुनौती माना जा रहा है। यह मामला दर्शाता है कि दुश्मन देश किस तरह भारतीय संस्थानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए हर कड़ी पर काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस केस में और भी गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
