अधिकारियों-कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता; सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा, बनेगी सख्त एसओपी
देहरादून। सरकारी कार्यालयों में बढ़ती अभद्रता और मारपीट की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में सामने आए एक मारपीट प्रकरण के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस कदम को सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यों की गरिमा बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालय आम जनता की सेवा के लिए होते हैं, लेकिन किसी भी प्रकार की अराजकता, अभद्र व्यवहार या हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए कि सभी जिलों में सरकारी भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।
क्या होगी नई एसओपी में व्यवस्था?
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित एसओपी में निम्न बिंदुओं को शामिल किया जा सकता है:
- सभी प्रमुख सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्य व्यवस्था।
- संवेदनशील विभागों में पुलिस बल या होमगार्ड की तैनाती।
- प्रवेश द्वार पर विजिटर रजिस्टर और पहचान पत्र की जांच।
- अधिकारियों से मिलने के लिए पूर्व अनुमति और निर्धारित समय की व्यवस्था।
- किसी भी विवाद की स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता के लिए हेल्पलाइन सिस्टम।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए ताकि वे जनता के कार्यों का निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से निस्तारण कर सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर हाल में विवाद की घटनाएं हुई हैं, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए।
मारपीट की घटना ने बढ़ाई चिंता
हाल में एक सरकारी कार्यालय में कुछ लोगों द्वारा घुसकर कर्मचारी से मारपीट किए जाने की घटना ने प्रशासन को झकझोर दिया। इस घटना के बाद कर्मचारी संगठनों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग उठाई थी। कई विभागों में कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि यदि सुरक्षा पुख्ता नहीं की गई तो वे कार्य बहिष्कार पर भी विचार कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
जिलाधिकारियों को दिए विशेष निर्देश
राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जनपद में सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण करें और सुरक्षा से संबंधित कमियों की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजें। जहां आवश्यक हो, वहां सुरक्षा गार्ड, मेटल डिटेक्टर और अतिरिक्त बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही पुलिस विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे संवेदनशील कार्यालयों के आसपास नियमित गश्त बढ़ाएं और किसी भी प्रकार की भीड़ या हंगामे की स्थिति में तुरंत हस्तक्षेप करें।
डिजिटल मॉनिटरिंग पर भी जोर
सरकार डिजिटल निगरानी प्रणाली को भी मजबूत करने की योजना बना रही है। कई जिलों में पहले से स्थापित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रमुख कार्यालयों की निगरानी की जा सकती है। भविष्य में सभी महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों को एक केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।
कर्मचारियों में राहत, जनता को भी लाभ
सरकारी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि सुरक्षित वातावरण में काम करने से कार्यकुशलता बढ़ेगी और जनता के काम भी समय पर निपटेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि एसओपी लागू होने से न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली भी अधिक व्यवस्थित और अनुशासित बनेगी। इससे आम नागरिकों को भी पारदर्शी और बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
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सख्त संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कहा कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि सरकारी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना या कर्मचारियों से दुर्व्यवहार करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगा।
राज्य सरकार जल्द ही इस एसओपी को अंतिम रूप देकर लागू करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देश औपचारिक रूप से जारी कर दिए जाएंगे।
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सुधार और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई एसओपी कितनी प्रभावी साबित होती है और क्या इससे सरकारी कार्यालयों में होने वाली अव्यवस्थाओं पर लगाम लग सकेगी।