स्वतंत्रता दिवस को लेकर हुई जमीयत उलेमा ज़िला लुधियाना की बैठक संपन्न
राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, जमीयत उलेमा ज़िला के सदस्यों की बैठक आयोजित हुई.
लुधियाना। जमीयत उलेमा ज़िला लुधियाना के हेड ऑफिस में, 15 अगस्त के राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, जमीयत उलेमा ज़िला के सदस्यों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
क़ारी ग़यूर अहमद, अध्यक्ष जमीयत उलेमा ज़िला लुधियाना ने सभी मदारिस-ए-इस्लामिया के ज़िम्मेदारों से अपील की कि स्वतंत्रता दिवस के पर्व को उत्साह और जोश के साथ मनाएँ और अपने अकाबिर व असलाफ़ की वतन की आज़ादी के लिए दी गई बे-मिसाल कुर्बानियों से छात्रों और आम जनता को अवगत कराएँ।
यह दिन हमें महान कुर्बानियों की याद दिलाता है
15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस हमारा राष्ट्रीय पर्व और स्वतंत्रता की नेमत की याद दिलाने वाला दिन है। यह दिन हमें उन महान कुर्बानियों की याद दिलाता है जो हमारे असलाफ़ ने ग़ुलामी की ज़ंजीरें तोड़ने और हमें आज़ाद हवा में साँस लेने का हक़ दिलाने के लिए दी थीं।
स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए अकाबिर की कुर्बानि
मुफ़्ती शुऐब आलम क़ासमी ने स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए अकाबिर की कुर्बानियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता का असली हक़ यह है कि हम अपने मुल्क की हिफ़ाज़त, तरक़्क़ी और खुशहाली के लिए हर संभव कोशिश करें, आपसी एकता, मोहब्बत और रवादारी को बढ़ावा दें, और संविधान व क़ानून का पालन करते हुए अमन और इंसाफ़ के झंडाबरदार बनें।
मौलाना मोहम्मद नसीम क़ासमी, महासचिव जमीयत उलेमा ज़िला लुधियाना ने बधाई देते हुए कहा कि हम, जमीयत उलेमा ज़िला लुधियाना की ओर से, सभी देशवासियों को इस अवसर पर बधाई पेश करते हैं और यह संकल्प लेते हैं कि हम अपने वतन-ए-अज़ीज़ की एकजुटता, अमन और तरक़्क़ी के लिए अपना योगदान हमेशा देते रहेंगे।
स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है, जिसे हर साल 15 अगस्त को मनाया जाता है।
इस दिन भारत ने अंग्रेज़ों (ब्रिटिश शासन) से आज़ादी प्राप्त की थी।
स्वतंत्रता दिवस क्या है?
स्वतंत्रता दिवस वह दिन है जब भारत ने वर्ष 1947 में लगभग 200 वर्षों की ब्रिटिश गुलामी से मुक्ति पाई। यह दिवस हमें आज़ादी के लिए किए गए संघर्ष, बलिदान और वीरता की याद दिलाता है।
क्यों मनाया जाता है?
भारत को 15 अगस्त 1947 को आज़ादी मिली
स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और संघर्ष को सम्मान देने
देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करने
कैसे मनाया जाता है?
प्रधानमंत्री लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं
राष्ट्रगान गाया जाता है
देशभर में झंडारोहण, परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं
स्कूल–कॉलेजों में कार्यक्रम तथा देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए जाते हैं
महत्व
हमें अपने अधिकारों और आज़ादी की कीमत का एहसास कराता है
देश की एकता और विविधता को दर्शाता है
देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना बढ़ाता है
प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी
महात्मा गांधी
भगत सिंह
सुभाष चंद्र बोस
जवाहरलाल नेहरू
चंद्रशेखर आज़ाद
सरदार पटेल
रानी लक्ष्मीबाई
अल्लाह तआला हमारे मुल्क को अमन, खुशहाली और अद्ल व इंसाफ़ का गहवारा बनाए।
आमीन।
मुफ़्ती शुऐब आलम क़ासमी कुटेसरवी
नाज़िम इस्लाह-ए-मुआशरा, जमीयत उलेमा ज़िला लुधियाना
एवं पंजाब प्रभारी INDIA NEWS TV.