500 bachho ka yon shosan karne wala cricket coach giraftar 500 बच्चों का यौन शोषण करने वाला क्रिकेट कोच गिरफ्तार
500 बच्चों का यौन शोषण करने वाला मुरारी लाल गोंड उर्फ गौतम को भेलूपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है, पत्नी ने भी साथ छोड़ा
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे खेल जगत और अभिभावकों को हिला दिया है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से संचालित क्रिकेट प्रशिक्षण के नाम पर एक कोच द्वारा 500 बच्चों का यौन शोषण करने का बड़ा मामला खुला है। आरोपी क्रिकेट कोच मुरारी लाल गोंड उर्फ गौतम को भेलूपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह वही व्यक्ति है जो पिछले वर्षों में भी इसी तरह के मामलों में जेल जा चुका है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह पिछले पांच साल में 500 से अधिक नाबालिग लड़कों के साथ गलत हरकतें कर चुका है। यह खुलासा पुलिस और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
कैसे खुला घिनौने खेल का राज?
भेलूपुर थाना क्षेत्र के दो किशोरों ने अपने परिजनों को बताया कि क्रिकेट अभ्यास और अंडर-14 चयन के नाम पर कोच उन पर दबाव बनाकर आपत्तिजनक हरकतें करता था। एक किशोर की तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने के बाद चिकित्सकों ने शक जताया। धीरे–धीरे पूरी सच्चाई सामने आई और परिजन सीधे पुलिस के पास पहुंचे।
इस शिकायत के बाद भेलूपुर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की। इसके बाद इंस्पेक्टर सुधीर कुमार त्रिपाठी की टीम ने शनिवार देर शाम आरोपी को लंका के सीरगोवर्धन क्षेत्र से पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के वक्त आरोपी का ‘ड्रामा’
जैसे ही पुलिस ने उसे मीडिया के सामने पेश किया, आरोपी मुरारी लाल जमीन पर घुटनों के बल बैठ गया। हाथ जोड़कर रोते हुए बोला—
“मैंने बहुत गलत किया है… मुझसे गलती हो गई… अब जीने की इच्छा नहीं है… मुझे माफ कर दीजिए…”
पुलिस ने उसकी इस हरकत को ‘नाटक’ बताते हुए उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया।

यौन शोषण के आरोप में पहले भी जा चुका है जेल
यह कोई पहला मामला नहीं है।
- वर्ष 2021 में आरोपी को लंका थाना क्षेत्र में एक बच्चे के साथ “एडमिशन में मदद” के बहाने गलत हरकत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
- तब भी उसपर अप्राकृतिक कृत्य, धमकाने और बच्चों को लालच देने के आरोप लगे थे।
कुछ महीनों में जमानत पर बाहर आने के बाद उसने फिर से कोचिंग के नाम पर अपना पुराना खेल शुरू कर दिया।
पुलिस का बड़ा खुलासा: “सिर्फ किशोर लड़के थे उसका निशाना”
एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि आरोपी अपना टारगेट खासतौर पर 12 से 16 वर्ष की उम्र के लड़कों को बनाता था।
इन बच्चों की कमजोरी—
- चयन का लालच
- परिवार का भरोसा
- आर्थिक स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी धीरे-धीरे उन पर प्रभाव जमाता था।
पुलिस के अनुसार, किशोर शर्म के कारण किसी को कुछ नहीं बताते थे और यहीं से आरोपी के हौसले बढ़ते गए।
परिवार ने भी छोड़ दिया था साथ
आरोपी के घर की स्थिति भी खस्ताहाल पाई गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि उसकी हरकतों से परेशान होकर पत्नी ने कोविड काल से पहले ही तलाक ले लिया था।
परिवार का कोई भी सदस्य उसके संपर्क में नहीं है। वह अकेला रहकर बच्चों को कोचिंग देता था, जिससे उसके कृत्य छिपे रहते थे।
यौन शोषण का आरोपी कोचिंग में चयन का लालच बनता था
मुरारी लाल वाराणसी, जंसा और लंका क्षेत्र में कई मैदानों पर बच्चों को क्रिकेट की ट्रेनिंग देता था।
“अंडर-14 में सलेक्शन”,
“लखनऊ कैंप”,
“बीएचयू में स्पेशल कोचिंग”
जैसे लालच देकर वह बच्चों को अपने जाल में फंसाता था।
500 बच्चों का दावा पुलिस के लिए जांच की चुनौती
आरोपी ने पूछताछ में कहा कि उसके शिकार बने बच्चों की संख्या 500 से भी अधिक हो सकती है।
यह आंकड़ा पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि
- कई बच्चे परिवार से कुछ नहीं बताते
- कई परिवार मामले को सार्वजनिक नहीं करना चाहते
- कई बच्चों को आज भी डर है कि लोग क्या कहेंगे
पुलिस अब आरोपी के पिछले पांच वर्षों के सभी प्रशिक्षण स्थलों की सूची तैयार कर रही है और उन बच्चों के परिवारों से संपर्क कर सकती है।
गिरफ्तारी टीम में शामिल अधिकारी
- प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार त्रिपाठी
- चौकी प्रभारी दुर्गाकुंड विकास मिश्रा
- उपनिरीक्षक लवकुश यादव
- कां. सुमित साही, सूरज कुमार भारती, शैलेंद्र
- कां. अश्वनी व अन्य पुलिसकर्मी
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जांच जारी: और भी हो सकते हैं कई पीड़ित
डीसीपी काशी जोन ने इस मामले की जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, मैसेज, कोचिंग रिकॉर्ड, यात्रा विवरण और पुराने कोचिंग केंद्रों की गहन जांच कर रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।
