Bank Frauds बैंक
बैंक काउंटर से नकदी लेने के बाद घर पहुंचते ही खुला ठगी का राज, पीड़िता ने सीसीटीवी जांच और कार्रवाई की मांग की
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक महिला ने बैंक से 40 हजार रुपये नकद निकाले, लेकिन जब वह घर पहुंची और पैसों की गिनती की, तो उसके होश उड़ गए। नोटों की जगह कागज की गड्डी निकली। पीड़िता महिला ने इस पूरी घटना की आपबीती सुनाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता का नाम और पृष्ठभूमि
पीड़िता महिला का नाम छाया बताया जा रहा है, जो गाजियाबाद के एक मध्यमवर्गीय इलाके में रहती हैं। छाया घरेलू जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई से जुड़े खर्चों के लिए बैंक से पैसे निकालने गई थीं। उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि बैंक से निकाले गए पैसे उनके लिए एक बड़ी परेशानी बन जाएंगे।
बैंक में सब कुछ सामान्य
छाया ने बताया कि वह तय समय पर बैंक पहुंचीं, टोकन लिया और अपनी बारी आने पर काउंटर पर जाकर 40 हजार रुपये निकालने का फॉर्म भरा। बैंक कर्मचारी ने प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें नकदी दी। उस समय बैंक में भीड़ थी और जल्दबाजी के कारण उन्होंने वहीं पैसे गिने नहीं।
छाया का कहना है कि बैंक से निकलते समय उन्हें किसी भी तरह की शंका नहीं हुई। नोटों की गड्डी देखकर लगा कि सब कुछ ठीक है।
बैंक से घर पहुंचते ही खुला राज
बैंक से सीधे घर पहुंचने के बाद छाया ने जब पैसों की गिनती शुरू की, तो वह सन्न रह गईं। गड्डी खोलते ही ऊपर-नीचे कुछ नोट थे, लेकिन बीच में साधारण कागज रखे हुए थे। पूरी गड्डी में असली नोटों की संख्या बेहद कम थी।
उन्होंने तुरंत दोबारा गिनती की, लेकिन नतीजा वही रहा। 40 हजार रुपये की जगह उनके हाथ में बेकार कागजों का ढेर था।
घबराहट और परिवार की चिंता
इस घटना के बाद छाया घबरा गईं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही बहुत मजबूत नहीं है। यह रकम घर के जरूरी खर्चों और बच्चों की फीस के लिए निकाली गई थी। अचानक इतनी बड़ी ठगी सामने आने से पूरे परिवार पर संकट खड़ा हो गया।
छाया ने बताया कि उन्हें समझ ही नहीं आया कि आखिर यह सब कैसे हुआ। बैंक जैसी सुरक्षित जगह से पैसे निकालने के बाद ऐसी घटना होना बेहद परेशान करने वाला है।
बैंक पहुंचकर की शिकायत
घर से तुरंत छाया वापस उसी बैंक शाखा पहुंचीं और पूरे मामले की जानकारी दी। बैंक कर्मचारियों के सामने उन्होंने गड्डी दिखाई और आरोप लगाया कि काउंटर से ही उन्हें गलत नकदी दी गई है।
हालांकि बैंक प्रबंधन ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से लेने में देर की और कहा कि बैंक से ऐसी गलती संभव नहीं है। इसके बाद छाया ने लिखित शिकायत दर्ज कराई।
सीसीटीवी जांच की मांग
पीड़िता और उसके परिजनों ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि कैमरों की फुटेज से साफ हो सकता है कि काउंटर पर पैसे देते समय क्या हुआ था।
छाया ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते जांच नहीं की गई, तो सबूतों के साथ छेड़छाड़ भी हो सकती है।
पुलिस तक पहुंचा मामला
बैंक से संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद छाया ने स्थानीय थाने में भी शिकायत दी है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाएगी।
बढ़ते ऐसे मामले
यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल के वर्षों में एटीएम और बैंक काउंटर से जुड़े ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां ग्राहकों को नकली या कम रकम मिलने की शिकायत हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहकों को पैसे लेते समय वहीं गिनती करना बेहद जरूरी है।
बैंकिंग सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम आदमी बैंक पर भरोसा करके अपनी मेहनत की कमाई वहां रखता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं उस भरोसे को तोड़ती हैं।
पीड़िता की मांग
- छाया ने मांग की है कि उनके पूरे 40 हजार रुपये उन्हें वापस दिलाए जाएं,
- दोषी कर्मचारियों या किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई हो,
- और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए बैंक व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
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जांच के बाद खुलेगा सच
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। अब यह देखना अहम होगा कि सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जांच में क्या सच्चाई सामने आती है। लेकिन इतना तय है कि गाजियाबाद की यह घटना आम लोगों के लिए एक चेतावनी है कि बैंक से नकदी लेते समय जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
