महाराष्ट्र के रत्नागिरी में 11 अक्टूबर 2024 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शोभायात्रा के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों द्वारा धार्मिक नारे लगाए गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, किसी प्रकार की हिंसा की खबर नहीं आई है, लेकिन पुलिस ने एहतियातन दो मामले दर्ज किए हैं। घटना के बाद कई लोग पुलिस थाने पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने 2024 में विजयदशमी के अवसर पर दिए गए भाषण में बांग्लादेश के हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले और उनके धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुँचाया गया है, जिससे वहाँ के हिंदू समुदाय पर एक “खतरे की तलवार” लटक रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ बाहरी ताकतें बांग्लादेश में शासन परिवर्तन की साजिश रच रही हैं और इस देश में भारत के प्रति नकारात्मक भावनाएँ बढ़ रही हैं, जो क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बन सकता है।
RSS भागवत ने इस बात पर भी जोर दिया कि हिंदुओं को संगठित होकर इन खतरों का सामना करना चाहिए और भारत को अपने पड़ोसियों के प्रति सजग रहना चाहिए, क्योंकि इस तरह की घटनाएँ भारत की सुरक्षा के लिए भी चुनौती पेश कर सकती हैं। उन्होंने इन घटनाओं पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भी ध्यान देने की अपील की।
