लुधियाना। पंजाब के साथ-साथ जम्मू और हिमाचल के कई ज़िले इस समय भीषण बाढ़ की तबाही की चपेट में हैं। घरों के ढहने, खेतों के बर्बाद होने और लोगों के बेघर होने की इस कठिन घड़ी में जमीयत उलमा-ए-हिंद ने अपनी परंपरा को ज़िंदा रखते हुए इंसानियत की सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया है। आज जमीयत उलमा-ए-हिंद के ज़िला लुधियाना के दफ़्तर में एक अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें मौलाना हकीमुद्दीन अशरफ़ साहब (अध्यक्ष, जमीयत उलमा-ए-मुत्तहिदा पंजाब) और मौलाना क़ारी मोहम्मद इलियास साहब (महासचिव, जमीयत उलमा-ए-मुत्तहिदा पंजाब) विशेष तौर पर मौजूद रहे। बैठक में राहत सामग्री की आपूर्ति और राहत किटों की तैयारी पर विस्तार से चर्चा की गई।
हज़रत मौलाना सैयद अरशद मदनी साहब (अध्यक्ष, जमीयत उलमा-ए-हिंद) के निर्देश पर पहले ही दिन से जमीयत के खिदमतगार मैदानी स्तर पर सक्रिय हैं। मौलाना हकीमुद्दीन अशरफ़, मौलाना क़ारी मोहम्मद इलियास और मुफ़्ती मोहम्मद ख़लील (उपाध्यक्ष, जमीयत उलमा-ए-मुत्तहिदा पंजाब) की क़ियादत में लुधियाना को राहत का केंद्रीय केंद्र बनाया गया है। यहां से अब तक लगभग 50 ट्रक राहत सामग्री विभिन्न प्रभावित इलाक़ों में पहुंचाई जा चुकी है, जिसमें जीवन की बुनियादी ज़रूरत की सभी चीज़ें शामिल हैं।
इस पूरे राहत अभियान को ज़मीनी स्तर पर कामयाब बनाने में जमीयत उलमा ज़िला लुधियाना ने अहम भूमिका निभाई है। ज़िला अध्यक्ष क़ारी ग़यूर अहमद साहब, उपाध्यक्ष हाफ़िज़ मोहम्मद हाशिम साहब, शहर लुधियाना के अध्यक्ष मुफ़्ती मोहम्मद साक़िब क़ासमी साहब, महासचिव मौलाना मोहम्मद नसीम साहब, ख़ज़ानची मोहम्मद अख़्तर साहब, नाज़िम तंजीम व तरक़्क़ी मुफ़्ती मोहम्मद ख़ालिद साहब ,नाजिम इस्लाह ए मुआशरह मुफ्ती शुऐब आलम साहब, आफिस सिकरेटरी सलीम अंसारी, मास्टर शब्बीर, भाई फखरूद्दीन, मास्टर मुस्लिम समाज सेवी, और भाई मेहरबान इदरीसी साहब , मोहम्मद यूनुस, मेहरदीन सैफी, हाफिज मोहम्मद नाजिम, आफताब आलम, नाजिम अंसारी,समेत कई खिदमतगार दिन-रात मेहनत कर इंसानियत की सेवा कर रहे हैं।
इस मौके पर सिख भाईचारे के ज़िम्मेदार जनाब दिलबाग सिंह साहब और उनके साथी भी मौजूद रहे। उन्होंने जमीयत उलमा-ए-हिंद और मुसलमानों की इंसानियत-नवाज़ी की खुलकर सराहना की और कहा कि इस मुश्किल घड़ी में मुसलमानों और सिखों का यह आपसी सहयोग भाईचारे को और मज़बूत करेगा और सब मिलकर हमेशा इंसानियत की सेवा के लिए तैयार रहेंगे।
