पति की हैवानियत: पत्नी की अश्लील तस्वीर सोशल मीडिया पर डाल ‘ग्राहक’ तलाशने का आरोप, एसएसपी से लगाई गुहार
मेरठ, 4 मार्च। मेरठ में एक महिला पत्नी ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। अब आरोप है कि पति ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर डालकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, साथ ही कथित रूप से उसका मोबाइल नंबर और ‘रेट’ लिखकर उसे बदनाम करने की कोशिश की।
मामला कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी का है। पीड़िता ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उसकी शादी तीन वर्ष पहले लालकुर्ती थाना क्षेत्र के एक युवक से हुई थी, जो रेलवे में कार्यरत है। शादी के शुरुआती दिनों के बाद ही पति और ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया। महिला का आरोप है कि पति, उसकी मां और बहनों के साथ मिलकर उसे लगातार प्रताड़ित करते रहे।
पत्नी ने लगाया बंधक बनाकर रखने और मारपीट का आरोप
पीड़िता के अनुसार, लगभग एक वर्ष पहले उसे आठ दिनों तक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और शारीरिक यातना दी गई। महिला का कहना है कि उसे परिवार और बाहरी लोगों से मिलने तक नहीं दिया गया। बाद में दोनों पक्षों के रिश्तेदारों के हस्तक्षेप से एक समझौता कराया गया, जिसके बाद वह कुछ समय के लिए अपने मायके आ गई।
महिला का आरोप है कि समझौते के बावजूद ससुराल पक्ष का रवैया नहीं बदला। तनाव लगातार बना रहा और वह फिर से अपने मायके में रहने लगी।
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि हाल ही में उसके पति ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाल दी। तस्वीर के साथ कथित रूप से अशोभनीय टिप्पणी की गई और उसे बदनाम करने के उद्देश्य से मोबाइल नंबर तथा कीमत लिख दी गई।
महिला का कहना है कि इस पोस्ट के बाद उसे अनजान लोगों के फोन आने लगे, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई। परिवार ने भी इसे सामाजिक प्रतिष्ठा पर हमला बताया है।
पीड़िता पत्नी ने एसएसपी को सौंपा गया प्रार्थना पत्र
पीड़िता ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर आरोपी पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उसने आरोप लगाया कि यह कदम उसकी छवि खराब करने और उसे डराने के उद्देश्य से उठाया गया।
एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीओ दौराला को सौंपी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर साक्ष्यों की जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आईटी एक्ट और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी पहलू
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी महिला की तस्वीर बिना अनुमति सोशल मीडिया पर डालना और उसके साथ आपत्तिजनक टिप्पणी करना दंडनीय अपराध है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) और भारतीय दंड संहिता की कई धाराएं ऐसे मामलों में लागू हो सकती हैं।
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना की निंदा की है। उनका कहना है कि घरेलू हिंसा और साइबर उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और समाज में गलत संदेश न जाए।
परिवार की अपील
पीड़िता के परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपी द्वारा की गई कथित हरकत से परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और वे न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी जानकारी मांगी जा सकती है।
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समाज में बढ़ती साइबर हिंसा की चिंता
यह मामला एक बार फिर से घरेलू विवादों के साइबर प्लेटफॉर्म तक पहुंचने और डिजिटल माध्यम से बदनामी करने की प्रवृत्ति को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी की निजी छवि खराब करना गंभीर अपराध है और इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत है।
फिलहाल, जांच जारी है और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। पीड़िता ने उम्मीद जताई है कि उसे न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
