Meerut सिवालखास में सनसनी
Meerut: इलाके में फैली दहशत, तीनों बच्चे रविवार दोपहर से थे लापता; हत्या की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
मेरठ के सिवालखास इलाके से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। सोमवार सुबह एक खाली पड़े प्लॉट से तीन बच्चों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृत पाए गए तीनों बच्चे रविवार दोपहर से लापता थे। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं स्थानीय लोगों में गुस्सा और डर दोनों का माहौल है।
लापता थे रविवार दोपहर से
घटना मेरठ जिले के सिवालखास कस्बे की है। रविवार को दोपहर करीब 2 बजे तीन बच्चे—दो लड़के और एक लड़की—अचानक घर के पास खेलते समय गायब हो गए थे। परिवार ने उन्हें आसपास और रिश्तेदारों के यहां ढूंढा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रातभर बच्चों की तलाश चलती रही, लेकिन सुबह जो खबर आई, उसने सभी को झकझोर दिया।
खाली प्लॉट से आई दुर्गंध, खुला राज
सोमवार सुबह स्थानीय लोगों ने एक खाली प्लॉट से बदबू आने की शिकायत की। जब कुछ लोग वहां पहुंचे तो मिट्टी के नीचे कुछ दबा हुआ दिखाई दिया। उन्होंने जब खुदाई की, तो एक के बाद एक तीन शव मिले। बच्चों के शव बुरी तरह सड़े हुए थे, जिससे अनुमान है कि उनकी हत्या कर शवों को रात में ही दफनाया गया।
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू
सूचना मिलते ही सिवालखास पुलिस और उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मौके पर फॉरेंसिक टीम भी बुलाई गई है, जो शवों की हालत और घटनास्थल की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हत्या के पहलू पर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का आरोप – हत्या कर दबाया गया मामला
मृत बच्चों के परिजनों का आरोप है कि किसी ने जानबूझकर बच्चों को मारकर शवों को मिट्टी में दबा दिया। उन्होंने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का यह भी कहना है कि अगर पुलिस समय रहते सर्च ऑपरेशन करती, तो बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।
बच्चों की उम्र और पहचान
मृतक बच्चों की उम्र 6 से 9 साल के बीच बताई जा रही है। तीनों बच्चे एक ही मोहल्ले के रहने वाले थे और अक्सर एक साथ खेला करते थे। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि बच्चों की मौत कैसे हुई—क्या गला घोंटकर मारा गया या जहर दिया गया। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
इलाके में दहशत का माहौल
इस दर्दनाक घटना के बाद सिवालखास कस्बे में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा अब सबसे बड़ा सवाल बन गई है। अभिभावक बच्चों को घर से बाहर भेजने में डर महसूस कर रहे हैं। बाजार और मोहल्ले में मातम पसरा है।
अफसरों ने कहा – हर एंगल से होगी जांच
मेरठ पुलिस के एसएसपी ने मीडिया को बताया कि घटना बेहद गंभीर है। सभी पहलुओं से जांच की जा रही है—जमीन विवाद, आपसी रंजिश या किसी मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति की भूमिका तक। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। जिन लोगों ने रविवार दोपहर के बाद बच्चों को देखा था, उनसे भी पूछताछ की जा रही है।
राजनीतिक हलचल भी शुरू
घटना की खबर फैलते ही विपक्षी दलों के स्थानीय नेता भी मौके पर पहुंचे और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की।
यह मामला अभी भी विकासशील है, और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कई और खुलासे होने की उम्मीद है। लेकिन इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि आखिर मासूमों के लिए भी अब घर के पास का मैदान सुरक्षित नहीं रहा?
