jila parishad market जिला परिषद मार्केट की तीन मेडिकल एजेंसियों पर कार्रवाई,
जिला परिषद मार्केट में मेडिकल एजेंसियों पर औषधि प्रशासन विभाग का छापा, पांच दवाइयों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए
मुजफ्फरनगर। जिले में नकली और मानकविहीन दवाओं की बिक्री पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए जिला परिषद मार्केट में संचालित तीन मेडिकल एजेंसियों पर छापा मारा। इस दौरान टीम ने दवाइयों की गुणवत्ता की जांच करते हुए कुल पांच दवाइयों के सैंपल लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। छापेमारी से दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, औषधि प्रशासन विभाग की यह कार्रवाई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत की गई। जिला औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य के नेतृत्व में टीम ने जिला परिषद मार्केट स्थित क्वालिटी मेडिसिन कंपनी, जगदीश मेडिसिन कंपनी और आनंद मेडिकल एजेंसी पर एक-एक कर जांच की। जांच के दौरान एजेंसियों में उपलब्ध दवाइयों के स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों को बारीकी से खंगाला गया।
अधिकारियों ने अलग-अलग तिथियों पर की गई दवाइयों की बिक्री का मिलान स्टॉक रजिस्टर से किया। यह देखा गया कि कहीं बिना बिल के दवाइयों की बिक्री तो नहीं की जा रही है और दवाइयों की एक्सपायरी डेट व बैच नंबर सही हैं या नहीं। इसके साथ ही यह भी जांचा गया कि दवाइयां अधिकृत कंपनियों से ही मंगाई गई हैं या नहीं।
जांच के दौरान टीम को कुछ दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर संदेह हुआ, जिसके बाद पांच दवाइयों के सैंपल लेकर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि दवाइयां मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिला औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य ने बताया कि औषधि प्रशासन विभाग की प्राथमिकता जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना है। किसी भी कीमत पर नकली, एक्सपायर्ड या मानकविहीन दवाइयों की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी जिले के अन्य मेडिकल स्टोर और दवा एजेंसियों पर इसी तरह औचक निरीक्षण किए जाते रहेंगे।
इस कार्रवाई में मेरठ के औषधि निरीक्षक पियूष कुमार और बुलंदशहर के औषधि निरीक्षक अनिल आनंद भी शामिल रहे। टीम की संयुक्त कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है कि औषधि प्रशासन विभाग दवा कारोबार पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है।
छापेमारी के दौरान मेडिकल एजेंसियों के संचालकों से नियमों का पालन करने की अपील की गई और चेतावनी दी गई कि किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई हो सकती है। वहीं, कार्रवाई की सूचना मिलते ही आसपास की अन्य मेडिकल एजेंसियों में भी हलचल देखी गई।
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औषधि प्रशासन विभाग की इस कार्रवाई को जनहित में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है, जिससे आम लोगों को सुरक्षित और प्रभावी दवाइयां मिल सकें और दवा बाजार में पारदर्शिता बनी रहे।
