फ़र्क़ापरस्त ताक़तें इस्लाम और हमारी असली तस्वीर बिगाड़ने पर आमादा, इसकी हिफ़ाज़त ज़रूरी: मौलाना अरशद मदनी.
यमुनानगर/जालंधर, 23 नवम्बर (शुऐब आलम)। जमीयत उलेमा यमुनानगर के बैनर तले इस्लाह-ए-मुआशरा कॉन्फ़्रेंस का आयोजन टिवर गांव स्थित मदरसा दावतुल इस्लाम पब्लिक स्कूल के प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष हज़रत मौलाना सैयद अरशद मदनी शरीक हुए।
मौलाना अरशद मदनी ने अपने संबोधन में कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिन्द 106 वर्षों से देश की भलाई, तरक़्क़ी और देश की एकता व अखंडता के लिए लगातार कार्य कर रही है। हम इस देश में पिछले तेरह सौ वर्षों से प्यार और भाईचारे के साथ रह रहे हैं। इतिहास के जानकार जानते हैं कि हम हर बिरादरी, हर तबके, हर गांव व शहर में सदियों से एक-दूसरे के दुख-दर्द में बराबर के सहभागी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि धर्म का अंतर आपसी मोहब्बत और इंसानियत को नहीं रोकता। आज का यह विशाल सम्मेलन बताता है कि यहां के लोग मिल-जुलकर एक-दूसरे के साथ जीवन गुज़ारते हैं और यही इस्लाम की वास्तविक शिक्षा है।
कुरआन ने हमें बताया कि इंसानियत धार्मिक बंधनों से ऊपर है। उन्होंने कहा कि आज यह कहा जाता है कि मुस्लिम समाज गैर-मुस्लिम को जीने का हक़ नहीं देता, जबकि कुरआन की शिक्षाएँ इसके बिल्कुल विपरीत हैं। कुरआन हमें इंसाफ़, भलाई, समानता और मानवता का पैग़ाम देता है।
जनसमूह और संबोधन करते हुए मौलाना अरशद मदनी
मौलाना मदनी ने कहा कि हर इंसान दूसरे इंसान का भाई है ।जब मिलो, मुस्कुराकर मिलो, खुशी से मिलो, चेहरों पर मुस्कान लेकर मिलो। यह अमल अल्लाह के ग़ज़ब को ठंडा कर देता है। उन्होंने आगे कहा कि रास्ते से तकलीफ़देह चीज़ हटाना, किसी भटके को सही रास्ता दिखा देना यह सब दीन की बुनियादी शिक्षाएँ हैं। ऐसा धर्म भला आतंकवाद की अनुमति कैसे दे सकता है?
जमीयत उलेमा ए हिन्द की सेवाओं का उल्लेख
मौलाना मदनी ने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिन्द ने केरल दंगों में बिना धार्मिक भेदभाव के घरों का पुनर्निर्माण कराया, बंगाल के किसानों और ज़मींदारों तक मदद पहुंचाई, हाल ही में पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के प्रभावित लोगों की बड़े पैमाने पर सहायता की। उन्होंने कहा कि “यही हमारी, आपकी और इस्लाम की असली तस्वीर है। इसे सुरक्षित रखना हम सबकी ज़िम्मेदारी है।
फिर्क़ापरस्त ताक़तें इस मोहब्बत को पसंद नहीं करतीं”
उन्होंने चेताया कि देश में कुछ फिर्क़ापरस्त शक्तियाँ इस भाईचारे और हमदर्दी की तस्वीर को बिगाड़ना चाहती हैं। धर्म के आधार पर नफ़रत फैलाने वाले तत्व देश के अमन व सुकून के दुश्मन हैं। उन्होंने कहा कि ताक़त और कुर्सियाँ आती-जाती रहती हैं, लेकिन इस्लाम का संदेश क़यामत तक कायम रहने वाला है, और इसके अनुयायी गलत काम नहीं कर सकते।
जमीयत उलेमा के अन्य वक्ताओं के संबोधन
इससे पहले सम्मेलन की अध्यक्षता हज़रत मौलाना हकीमुद्दीन कासमी अटावड़ी , अध्यक्ष जमीयत उलेमा मुत्तहिदा पंजाब ने की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की इस्लामी शिक्षा व सही निगरानी अत्यंत आवश्यक है, तभी उन्हें गुमराही से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के संयोजक मौलाना मोहम्मद इलियास कासमी पावन्टी, अध्यक्ष जमीयत उलेमा यमुनानगर ने कहा कि मौलाना अरशद मदनी की इस क्षेत्र में आगमन पूरे हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ के लिए सम्मान की बात है। समाज को ग़लत राह से बचाने के लिए जमीयत के मंच को मजबूत करना आवश्यक है।
मुफ्ती अब्दुल क़दीर, ऑर्गनाइजर जमीयत उलेमा-ए-हिन्द ने संगठन की सेवाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला।
मौलाना सैयद हबीबुल्लाह मदनी, मौलाना मोहम्मद तैय्यब कासमी, हाजी पीरजी हाफ़िज़ हुसैन अहमद क़ादरी, मौलाना मुफ़्ताज़ अहमद कासमी शिमला, मौलाना कबीरुद्दीन फ़ारान आदि ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम का संचालन मुफ्ती असजद और कारी मोहम्मद यामीन कासमी (महत्त्वम, जामिया फ़ैज़-ए-आम, सरानवां) ने किया। आरंभ कारी मोहम्मद तालिब गंगोह़ी की तिलावत और मुफ़्ती साबिर की नात शरीफ़ से हुआ।
उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में मौलाना वलीउद्दीन वली (राजपुरा), मुनशी महदी हसन नगली, हाफ़िज़ लाल दीन टिवर, चौधरी आरिज़ ख़ान, चौधरी ज़ाकिर हुसैन, कारी ग़यूर अहमद अध्यक्ष जमीयत उलमा लुधियाना, मुफ़्ती शुऐब आलम क़ासमी, हाजी ग़ुलाम सरवर सब्बा सेक्रेटरी जमीयत उलमा कपूर थला पंजाब, हकीम शहज़ाद बसी, क़ारी सूफियान, अय्यूब ख़ान, मौलाना मोहम्मद आरिफ़ कासमी, कारी अब्दुस्सत्तार, राशिद नराला, कारी निसार अहमद, हाफ़िज़ मोहम्मद अय्यूब, चौधरी नूर मोहम्मद, मो. रतौली, अस्लम टिवर, सुलेमान सरपंच, मोहम्मद तैय्यब, मौलाना मोहम्मद राशिद, इमरान ख़ान, हाफ़िज़ अकरम, अली अहमद खान्डरा आदि उपस्थित रहे।
Full Name: Azam Rana
Date of Birth: 8 July 1996
Address: Muzaffarnagar, Uttar Pradesh, India
Bio:
Azam Rana is a Muzaffarnagar-based individual known for his active involvement in community support and social welfare activities. Dedicated to helping people around him, he contributes his efforts toward social development and youth upliftment. He is recognized for his humble nature and commitment to creating a positive impact in society.