कॉन्फ़्रेंस को लेकर जमीअत उलेमा ( Jamiyat Ulema ) की अहम बैठक
यमुनानगर में होने वाली इस्लाह-ए-मुअशरा कॉन्फ़्रेंस को लेकर ( Jamiyat Ulema ) जमीअत उलेमा जिला लुधियाना की अहम बैठक.
लुधियाना । जमीअत उलेमा-ए-हिन्द ( jamiyat ulema e hind ) की रोशन सेवाएँ और विभिन्न दौर में अंजाम दिए गए कारनामे इतिहास का वह सुनहरा अध्याय हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्राकृतिक आपदाएँ हों, मुसलमानों के नाज़ुक मसले हों या समाज में बढ़ती अव्यवस्था—हर स्थिति में जमीअत उलेमा-ए-हिन्द ने हमेशा मैदान में रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाई है।
इन विचारों को जमीअत उलेमा जिला लुधियाना के अध्यक्ष कारी ग़यूर अहमद ने मासिक बैठक को संबोधित करते हुए व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तमाम हल्कों के ज़िम्मेदारान आम जनता को जमीअत उलेमा-ए-हिन्द के उद्देश्यों से परिचित कराएँ और अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने की कोशिश करें।
रविवार, सुबह 9 बजे किया जाएगा Jamiyat Ulema की कॉन्फ़्रेंस का आयोजन
उन्होंने बताया कि 23 नवम्बर 2025, रविवार, सुबह 9 बजे दावतुल इस्लाम पब्लिक स्कूल, तेवर, जिला यमुनानगर में इस्लाह-ए-मुअशरा कॉन्फ़्रेंस का आयोजन जमीअत उलेमा जिला यमुनानगर की ओर से किया जाएगा।
इस सम्मेलन के कन्वीनर होंगे — मौलाना कारी मोहम्मद इलियास पोन्टी, जनरल सेक्रेटरी जमीअत उलेमा मुत्तहिदा पंजाब।
जबकि सदारत करेंगे — मौलाना हकीमुद्दीन अशरफ़ उटावड़ी, अध्यक्ष जमीअत उलेमा मुत्तहिदा पंजाब।
इस मौके पर अमीर-ए-हिन्द हज़रत मौलाना सैयद अरशद मदनी दामत बरकातहुम, अध्यक्ष जमीअत उलेमा-ए-हिन्द, रुक्न राबिता आलमी इस्लामी (मक्का मुअज्ज़मा), एवं प्रधानाध्यापक दारुल उलूम देवबंद, मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
बैठक में मौलाना मोहम्मद नसीम क़ासमी, जनरल सेक्रेटरी जमीअत उलेमा जिला लुधियाना ने पिछले माह की रिपोर्ट पेश की और विभिन्न हल्कों में इस्लाह-ए-मुअशरा कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की।
समाज में मौजूद बुराइयों के ख़ात्मे के लिए लगातार प्रयास सबकी जिम्मेदारी : मुफ़्ती शुऐब आलम
मुफ़्ती शुऐब आलम , नाज़िम इस्लाह-ए-मुअशरा जमीअत उलेमा जिला लुधियाना ने कहा कि शादी-ब्याह में फैलती फ़ुज़ूल रस्में, युवाओं में बढ़ती नशे की लत और समाज में मौजूद बुराइयों के ख़ात्मे के लिए लगातार प्रयास करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
अंत में कारी मोहम्मद खुर्शीद आलम शेरवानी की रक़्तअफ़ज़ा दुआ पर बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मुफ़्ती मोहम्मद ख़ालिद, मौलाना मोहम्मद आसिम, मास्टर शब्बीर, मोहम्मद सलीम, हाफ़िज़ मोहम्मद नाज़िम, कारी मोहम्मद क़ासिम, कारी मोहम्मद एहसान, हाफ़िज़ मोहम्मद हाशिम, मोहम्मद अख्तर अंसारी, मोहम्मद नदीस, मेहरबान इदरीसी सहित जमीअत उलेमा के कई ख़िदमतगुज़ार और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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